ऊंचे ऑफर मूल्य से सोयामील के निर्यात में भारी गिरावट की आशंका

20-May-2026 12:43 PM

मुंबई। घरेलू प्रभाग में सोयाबीन का दाम उछलने से सोया तेल एवं सोयामील के उत्पादन खर्च में भारी वृद्धि हो गयी है। इसके फलस्वरूप भारतीय सोयामील का औसत इकाई निर्यात ऑफर मूल्य काफी ऊंचे स्तर पर पहुंचकर अन्य निर्यातक देशों - अर्जेंटीना, ब्राजील एवं अमरीका आदि की तुलना में और प्रतिस्पर्धी हो गया है।

उद्योग समीक्षकों के अनुसार पिछले करीब एक माह के दौरान भारतीय सोयामील के दाम में लगभग 47 प्रतिशत का जोरदार इजाफा हो चुका है जिससे वैश्विक बाजार में इसकी मांग काफी कमजोर पड़ गयी है। इसके फलस्वरूप पिछले साल की तुलना में चालू वर्ष के दौरान सोयामील का निर्यात करीब आधा घटकर गत चार वर्षों के निचले स्तर पर सिमटने की सम्भावना है।

दक्षिण एशिया एवं दक्षिण पूर्व एशिया के देश परम्परागत रूप से भारतीय सोयामील के प्रमुख खरीदार हैं लेकिन इस वर्ष वहां अमरीका एवं लैटिन अमरीकी देशों से इसके आयात को प्राथमिकता दी जा रही है उद्योग समीक्षकों के मुताबिक अन्य आपूर्तिकरता देशों के मुकाबले भारतीय सोयामील का भाव काफी ऊंचा चल रहा है। ऑयल मिलर्स एवं निर्यातकों को नया आर्डर मिलना बंद हो गया है। जून डिलीवरी के लिए भारतीय सोयाबीन का फ्री ऑन बोर्ड निर्यात ऑफर मूल्य उछलकर 680 डॉलर प्रति टन के करीब पहुंच गया है जबकि निर्यातक देशों में भाव 430 डॉलर प्रति टन के आसपास ही है। 2024-25 में भारत से 20.20 लाख टन सोयामील का निर्यात हुआ था जो 2025-26 में 7 लाख टन पर अटक सकता है।