मध्य प्रदेश में उर्वरक वितरण के लिए नया सिस्टम कारगर

20-May-2026 02:24 PM

भोपाल। भारत के सभी प्रमुख कृषि उत्पादक राज्यों में लम्बे समय से ऊर्वरक वितरण का मामला काफी जटिल एवं चुनौतीपूर्ण रहा है। कभी उर्वरक का अभाव, किसानों की घबराहटपूर्ण खरीदारी, कभी उर्वरक के डायवर्जन की शिकायत तो कभी सहकारी समितियों के वितरण केन्द्रों के आगे किसानों का हंगामा देखने को मिलता रहा है। मध्य प्रदेश भी इसका अपवाद नहीं था।

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश भारत के अग्रणी कृषि उत्पादक राज्यों में शामिल है। वहां अनेक बार रासायनिक खाद के लिए किसानों के हंगामे एवं विरोध प्रदर्शन की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। खाद वितरण केन्द्रों के आगे किसानों की लम्बी-लम्बी कतार लगना तो सामान्य बात थी।

लेकिन अब मध्य प्रदेश सरकार ने उर्वरक वितरण के लिए एक नया सिस्टम विकसित किया है जिससे किसानों को सही समय पर खाद मिल सकेगा और वितरण केन्द्रों के आगे लम्बी लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। इस नए सिस्टम के तहत समूचे प्रान्त में एग्रीस्टैक से जुड़े 'ई-विकास' पोर्टल का प्रचलन शुरू किया गया है जो 1 अप्रैल से ही क्रियाशील हो चुका है।

हालांकि मध्य प्रदेश सरकार इस सिस्टम को राज्य में उर्वरकों के वितरण की प्रणाली को व्यवस्थित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार के तौर पर प्रचारित कर रही है लेकिन उद्योग समीक्षकों का कहना है कि अभी यह सिस्टम नवजात दौर में हैं और फ़िलहाल इसका मूल्यांकन करना सही नहीं होगा। वैसे कुल मिलाकर यह एक अच्छा प्रयास है। कुछ विश्लेषकों का कहना है कि जब तक उर्वरकों की निर्बाध एवं पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित नहीं होगी तब तक कोई भी सिस्टम किसानों की समस्याओं को दूर नहीं कर सकता है। वैसे इस नए सिस्टम ने पहले की तुलना में अब किसानों के लिए उर्वरकों की खरीद को काफी आसान बना दिया है।