अरब सागर के ऊपर निर्मित मौसम चक्र मानसून के लिए प्रतिकूल

20-May-2026 02:52 PM

मुंबई। एक प्राइवेट मौसम पूर्वानुमान एजेंसी का कहना है कि अरब सागर के ऊपर जो वेदर सिस्टम विकसित हो रहा है वह दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन में रुकावट डाल सकता है। भारतीय मौसम विज्ञानं विभाग (आईएमडी) ने इस वर्ष 26 मई को केरल के दक्षिणी तट पर मानसून के पहुंचने की संभावना व्यक्त की है। 

प्राइवेट मौसम एजेंसी के अनुसार आरम्भिक संकेतो से पता चलता है कि 21 मई को मध्य दक्षिणी अरब सागर के ऊपर एक चक्रवाती परीचक्रण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) का निर्माण होने वाला है जबकि अगले दिन यानी 22 मई को यहां एक कम दाब वाले क्षेत्र का भी निर्माण होने की संभावना है। 23 मई तक यह मध्य पश्चिमी सागर के ऊपर काफी सघन होकर डिप्रेशन में बदल सकता है इसके फलस्वरूप दक्षिण पश्चिम मानसून के आने में कुछ बाधा पड़ सकती है। 

समझा जाता है कि समुद्र में मानसून के निर्माण में इससे ज्यादा कठिनाई नहीं होगी मगर भारत की तरफ बढ़ने की इसकी गति कुछ सुस्त हो सकती है क्योंकि  डिप्रेशन  साइक्लोनिक सर्कुलेशन मानसून का रास्ता रोक सकता है। हालांकि अभी मौसम विभाग ने अपने अपडेट में कोई बदलाव नहीं किया है लेकिन अगर  एजेंसी की भविष्यवाणी सच साबित होती है तो उससे मानसून के आगमन की कोई नई तिथि निर्धारित करनी पड़ सकती है।