उड़ीसा एवं पश्चिम बंगाल में मूसलाधार बारिश जारी
06-Jul-2026 11:11 AM
कोलकाता। बंगाल की खाड़ी के ऊपर निर्मित कम दाब का क्षेत्र सघन होकर डिप्रेशन में रूपांतरित हो गया है जिससे पश्चिम बंगाल एवं उड़ीसा में 5 से 7 जुलाई तक न केवल अत्यन्त मूसलाधार बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है बल्कि समुद्र का स्वरूप भी विकराल होने का अनुमान लगाया गया है और मछुआरों को इस अवधि में गहरे समंदर में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने 5-7 जुलाई के दौरान उड़ीसा के सभी जिलों तथा बंगाल के अधिकांश इलाकों के लिए अत्यन्त जोरदार बारिश का अलर्ट जारी किया है। अन्य समीपवर्ती क्षेत्रों में भी वर्षा होने की उम्मीद है।
मौसम विभाग के अनुसार यह डिप्रेशन उड़ीसा के बालासोर तथा बंगाल के दीघा से 50 कि०मी० दूर मौजूद था जो अब आगे बढ़ चुका है। 5-7 जुलाई के दौरान इन दोनों प्रांतों में तेज हवा के प्रवाह के साथ भारी वर्षा हो सकती है।
उड़ीसा के सम्बलपुर, आंगुल, बौद्ध, लोनपुर और कंधमाल में सर्वाधिक मूसलाधार वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया गया है जबकि 19 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट तथा 6 जिलों के लिए यैलो अलर्ट जारी हुआ है।
चक्रवाती तूफान के साथ होने वाली इस मूसलाधार वर्षा से लोगों की कठिनाई बढ़ सकती है लेकिन साथ ही साथ किसानों को खरीफ फसलों और खासकर धान की खेती में सहायता भी मिलेगी। ज्ञात हो कि पश्चिम बंगाल धान-चावल का सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य है जबकि उड़ीसा भी इसके महत्वपूर्ण उत्पादक राज्यों में शामिल है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून का एक सिरा देश के पश्चिमी एवं पश्चिमोतर भाग में सक्रिय है जिससे महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली एनसीआर एवं अन्य निकटवर्ती क्षेत्रों में जोरदार बारिश हो रही है या आसमान पर बादल छाए हुए हैं। सैद्धांतिक रूप से मानसून अब समूचे देश को कवर कर चुका है और अनेक क्षेत्रों में भारी वर्षा हो रही है।
