पश्चिम एशिया में तनाव के कारण बावजूद छोटी इलायची का बेहतर निर्यात

20-May-2026 12:14 PM

कोच्चि। वैश्विक बाजार में भारतीय छोटी (हरी) इलायची का निर्यात प्रदर्शन बेहतर देखा जा रहा है और पश्चिम एशिया में जारी तनाव एवं विवाद के बावजूद इसके निर्यात शिपमेंट में लगभग दोगुनी वृद्धि होने के संकेत मिल रहे है। 

उद्योग समीक्षकों के अनुसार भारत से छोटी इलायची के निर्यात में हो रही शानदार बढ़ोत्तरी का प्रमुख कारण ग्वाटेमाला में फसल का बहुत कमजोर होना है मालूम हो कि उत्तरी अमरीका महाद्वीप के मध्यवर्ती भाग में अवस्थित ग्वाटेमाला दुनिया में छोटी इलायची का सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश है। इलायची के अंतराष्ट्रीय निर्यात बाजार में वह भारत का सबसे  प्रबल पतिद्वन्दी भी है वहां मौसम की प्रतिकूल स्थिति तथा प्राकृतिक आपदाओं के प्रकोप से इलायची की फसल को भारी नुकसान हुआ है जिससे इसके उत्पादन में करीब 50 प्रतिशत तक की जोरदार गिरावट आने की संभावना है फसल पर कीड़ो-रोगो का भी आघात देखा जा रहा है। ग्वाटेमाला से निर्यात घटने के कारण वैश्विक बाजार में भारतीय हरी इलायची की मांग काफी मजबूत हो गई। 

निर्यातकों के अनुसार वैश्विक खरीदार प्रीमियम क्वालिटी एवं बोल्ड ग्रेड वाली भारतीय छोटी इलायची की लिवाली में लगातार अच्छी दिलचस्पी दिखा रहे है ताकि उसके रेग्युलर मार्केट में इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी रहे हालांकि होमुर्ज स्टूैट से जहाजों की आवाजाही बंद होना चिंता की बात है लेकिन अनेक खरीददार किराया ऊंचा किराया भाड़ा देकर वैकल्पिक मगर सुरक्षित मार्ग से इलायची मंगाने के लिए तैयार है इधर नीलामी केन्द्रो में भी छोटी इलायची का भाव 2200-2350 रूपए प्रति किलो के स्तर पर मजबूत बना हुआ है।