सेबी का प्रत्याशित निर्णय

28-Mar-2026 04:56 PM

नई दिल्ली। सात कृषि जिंसों में वायदा कारोबार पर लम्बे समय से रोक लगी हुई है। उस रोक की समय सीमा 31 मार्च 2026 को समाप्त हो रही थी लेकिन उससे पहले ही भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने प्रतिबन्ध की अवधि को अगले एक साल के लिए बढ़ाने की घोषणा कर दी। इसका मतलब यह हुआ कि उन सात जिंसों में 31 मार्च 2027 तक वायदा कारोबार बंद रहेगा। ध्यान देने वाली बात है कि सेबी ही अभी कृषि जिंसों में वायदा व्यापार की नियामक संस्था है। उसका यह निर्णय प्रत्याशित ही है क्योंकि अनेक घरेलू एवं बाहरी कारकों के सक्रिय होने से महंगाई बढ़ने की आशंका है और सरकार को लग रहा था कि इन साथ जिंसों में यदि वायदा अनुबंध की अनुमति दी गयी तो स्थिति सुधरने के बजाए और बिगड़ सकती है। जिन सात जिंसों में वायदा कारोबार पर पाबंदी लगी हुई है उसमें गैर बासमती धान, गेहूं, चना, सरसों एवं इसके मूल्य संवर्धित उत्पाद, सोयाबीन एवं इसके मूल्य संवर्धित उत्पाद, मूंग तथा क्रूड पाम तेल (सीपीओ) शामिल हैं।

ज्ञात हो कि वर्ष 2021 में सरकार ने इन साथ कृषि जिंसों एवं उसके उत्पादों में वायदा कारोबार पर रोक लगाने की घोषणा की थी और तब से अब तक प्रत्येक वर्ष इसकी समय सीमा को बढ़ाया जा रहा है। वैसे सरकार ने समय सीमा बढ़ाने का कोई कारण नहीं बताया है लेकिन ऐसा लगता है कि सटोरिया गतिविधियों पर लगाम लगाने तथा मूल्य वृद्धि को नियंत्रित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। वैसे एनसीडीईएक्स द्वारा सरकार से इन जिंसों में वायदा कारोबार का स्थगन समाप्त करने का आग्रह किया जा रहा था लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया। शायद उसका सही समय अभी नहीं आया है।