साप्ताहिक समीक्षा-हल्दी

28-Mar-2026 05:57 PM

साप्ताहिक समीक्षा-हल्दी 
नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान हल्दी के भाव मजबूत बने रहे। मगर सूत्रों का कहना है कि मार्च क्लोजिंग के पश्चात मंडियां खुलने पर मंडियों में हल्दी की आवक दबाव बनेगा। जिस कारण से अप्रैल में भाव कुछ घट सकते हैं लेकिन अधिक मंदे के आसार नहीं हैं क्योंकि बकाया स्टॉक कम रह जाने एवं नई पैदावार भी आशानुरूप न होने से कुल उपलब्धता में कमी आएगी। उल्लेखनीय है कि चालू सीजन के लिए उत्पादक राज्यों में हल्दी की बिजाई 30/35 प्रतिशत अधिक क्षेत्रफल पर की गयी थी। लेकिन प्रतिकूल मौसम के चलते अधिकांश राज्यों में फसलों को नुकसान हुआ।। जिस कारण से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि बिजाई में वृद्धि होने के कारण उत्पादन गत वर्ष से की तुलना में अधिक रहेगा। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष देश में हल्दी का उत्पादन 70/75 लाख बोरी का रहा था जोकि इस वर्ष 80/85 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। वर्ष 2024 में उत्पादन 50/55 लाख बोरी का माना गया था।
राज्यवार उत्पादन अनुमान
उत्पादक केन्द्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार चालू सीजन के दौरान सांगली लाइन पर उत्पादन 11/12 लाख बोरी होने के अनुमान है जबकि मराठवाड़ा (बसमत, हिंगोली, नांदेड) लाइन पर उत्पादन 32/34 लाख बोरी होने के अनुमान लगे जा रहे हैं। निज़ामाबाद लाइन पर पैदावार 12/13 लाख बोरी होने की सम्भावना है। वारंगल लाइन पर 1.5 लाख बोरी एवं दुग्गीराला, कड़प्पा 5/5.50 लाख बोरी पैदावार होने के समाचार मिल रहे हैं। ईरोड लाइन पर उत्पादन 13/14 लाख बोरी होने की सम्भावना है अन्य क्षेत्रों में उत्पादन 4/5 लाख बोरी माना जा रहा है।
आवक
वर्तमान में सभी उत्पादक राज्यों की मंडियों में नए मालों की आवक हो रही है हालांकि नवरात्रि का पत्र होने के कारण कुछ मंडियों में अवकाश रहा। जबकि ईरोड मंडी में आवक 8/10 हजार बोरी की रही। वारंगल में नए माल की आवक 400/500 बोइर एवं दुगीराला 1000/1200 बोरी की रही। महाराष्ट्र की सांगली में 18/20 हजार बोरी की आवक चल रही है। जबकि नांदेड में आवक 2000/2500 बोरी, हिंगोली 5/6 हजार बोरी एवं बसमत में 2/3 हजार बोरी की हो रही है। निज़ामाबाद मंडी में सप्ताह के शुरू में आवक 35 हजार बोरी होने के पश्चात सप्ताह के मध्य में 12/13 हजार बोरी आ गयी। सप्ताह के अंतिम तीन दिन अवकाश रहा।
भाव
जानकारों का कहना है कि हल्दी की वर्तमान कीमतों में अधिक मंदे की सम्भावन नहीं है क्योंकि वर्ष 2026 के दौरान खपत की तुलना में हल्दी की उपलब्धता कम रहेगी। वर्तमान में दिल्ली बाजार में हल्दी सिंगल पालिश का भाव 142/143 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा है। जबकि नांदेड में हल्दी गट्ठा 125/135 रुपए बोला गया। ईरोड में हल्दी गट्ठा का भाव 130/132 रुपए चल रहा है। सूत्रों का मानना है कि अप्रैल माह में आवक का दबाव बनने पर कीमतों 3/5 रुपए का मंदा आ सकता है। तत्पश्चात बाजार मजबूत बने रहेंगे।
निर्यात
मसाला बोर्ड द्वारा जारी आकड़ों के अनुसार अप्रैल-जनवरी 2026 के दौरान हल्दी का निर्यात 1,51,933 टन का हुआ है और निर्यात से प्राप्त आय 2445.51 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-जनवरी 2025 के दौरान हल्दी का निर्यात 1,48,691 टन का हुआ था और निर्यात से प्राप्त आय 2425.87 करोड़ की रही। वर्ष 2024-25 के दौरान हल्दी का कुल निर्यात 1,76,325 टन का किया गया। जबकि वर्ष 2025-26 के दौरान हल्दी का रिकॉर्ड निर्यात 1,83,868 टन का हुआ था।