मध्य प्रदेश में मक्का का रकबा 23 प्रतिशत बढ़ा मगर महाराष्ट्र में घटा

23-Jul-2026 03:15 PM

नई दिल्ली। पिछले साल की तुलना में चालू खरीफ सीजन के दौरान मक्का का उत्पादन क्षेत्र मध्य प्रदेश में 23 प्रतिशत बढ़ने की सूचना मिल रही है जिससे महाराष्ट्र एवं कर्नाटक सहित कुछ अन्य राज्यों में क्षेत्रफल में आई गिरावट की आंशिक  भरपाई हो जाने की उम्मीद है। मौजूदा खरीफ सीजन में राष्ट्रीय स्तर पर 17 जुलाई तक मक्का का कुल उत्पादन क्षेत्र 67.89 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 71.50 लाख हेक्टेयर से करीब 5 प्रतिशत कम रहा। 

कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में चालू खरीफ सीजन के दौरान मक्का का उत्पादन क्षेत्र मध्य प्रदेश में 19 लाख हेक्टेयर से उछलकर 23.37 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा जबकि कर्नाटक में करीब 30 प्रतिशत घटकर 9.43 लाख हेक्टेयर और महाराष्ट्र में 5.1 प्रतिशत गिरकर 9.59 लाख हेक्टेयर रह गया। इसके अलावा राजस्थान, तेलंगाना एवं उत्तर प्रदेश में भी मक्का की बिजाई कम क्षेत्रफल में हुई है जबकि बिहार तथा आंध्र प्रदेश में रकबा कुछ बढ़  गया है। 

एक अग्रणी कॉमोडिटी मार्केट रिसर्च फर्म- आई ग्रेन इंडिया के डायरेक्टर एवं विश्वसनीय विश्लेषक राहुल चौहान का कहना है कि अल नीनो के प्रभाव से बारिश कम होने के कारण मक्का की बिजाई प्रभावित हुई है और इसका रकबा गत वर्ष से पीछे चल रहा है। वैसे आकर्षक कीमत के कारण मक्का किसानों का पसंदीदा कृषि उत्पाद बना हुआ है। बिजाई के वर्तमान रुख एवं आदर्श समय की छोटी हो रही अवधि को देखते हुए कर्नाटक और महाराष्ट्र में मक्का का रखबा तथा उत्पादन गत वर्ष के स्तर तक पहुंचना मुश्किल लगता है। राजस्थान में भी क्षेत्रफल कुछ पीछे रह जाने की संभावना है। 

एक अन्य विश्लेषक के अनुसार मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान मक्का का घरेलू उत्पादन घटने की संभावना है क्योंकि अल नीनो की वजह से कई इलाकों में इसकी बिजाई संभव नहीं हो रही है। मक्का का दाम भी सरकारी समर्थन मूल्य से नीचे चल रहा है इसलिए कुछ क्षेत्रों में किसान मक्का के बजाए इस बार सोयाबीन की खेती को प्राथमिकता दे रहे हैं।