सरकारी गोदामों में चावल और गेहूं का विशाल स्टॉक मौजूद

23-Jul-2026 05:32 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का अत्यन्त विशाल स्टॉक मौजूद है जबकि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को राइस मिलर्स से अब भी अच्छी मात्रा में कस्टम मिलिंग चावल की आपूर्ति हो रही है। आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि 1 जुलाई 2026 को सरकारी गोदामों में करीब 930 लाख टन खाद्यान्न का स्टॉक उपलध था जो 1 जुलाई 2025 को मौजूद स्टॉक 740 लाख टन से 190 लाख टन ज्यादा था। समीक्षाधीन अवधि में गेहूं का स्टॉक 360 लाख टन से बढ़कर 520 लाख टन तथा चावल का स्टॉक 380 लाख टन से सुधरकर 4 लाख टन से ऊपर पहुंच गया। वैसे जून की तुलना में जुलाई के दौरान गेहूं के स्टॉक में करीब 2 प्रतिशत की कमी आ गई। 

केन्द्रीय पूल में 1 जून को 534 लाख टन गेहूं का स्टॉक था जो 1 जुलाई को घटकर 522 लाख टन रह गया लेकिन यह स्टॉक 1 जुलाई 2025 को उपलब्ध मात्रा 359 लाख टन से करीब 46 प्रतिशत अधिक था। इसी तरह 1 जुलाई 2026 को मौजूद 403 लाख टन चावल का स्टॉक वर्ष 1998 के बाद इस तिथि के लिए सबसे ऊंचा स्तर रहा। 

न्यूनतम आवश्यक बफर मात्रा के सापेक्ष भी 1 जुलाई 2026 को चावल और गेहूं का स्टॉक काफी ऊपर रहा। जुलाई-अक्टूबर की अवधि के लिए सरकारी गोदामों में कम से कम 275.80 लाख टन गेहूं का स्टॉक मौजूद होना चाहिए जिसमें 245.80 लाख टन का क्रियाशील स्टॉक तथा 30 लाख टन का रणनीतिक आरक्षित स्टॉक शामिल है। 

2026 के रबी मार्केटिंग सीजन में गेहूं की सरकारी खरीद बढ़कर 357.60 लाख टन पर पहुंच गई जो 2025 की कुल खरीद से 19.4 प्रतिशत अधिक रही। सरकार ने इस वर्ष गेहूं का संशोधित खरीद लक्ष्य 346 लाख टन निर्धारित किया था  जबकि वास्तविक खरीद उसे भी पार कर गई।