126 वर्षों में पांचवी सबसे कमजोर मानसून रहेगा इस बार

23-Jul-2026 04:30 PM

नई दिल्ली। अत्यन्त शक्तिशाली या सुपर अल नीनो की बढ़ती आशंका को देखते हुए इस बार दक्षिण--पश्चिम मानसून पिछले 126 वर्षों में सबसे कमजोर या सूखा सीजन साबित हो सकता है। इसका सबसे ज्यादा असर बिहार, तेलंगाना एवं केरल जैसे राज्यों पर पड़ने की संभावना है।

जून-जुलाई में बारिश सामान्य औसत से काफी कम हुई। जून में वर्षा की कमी 37 प्रतिशत रही जबकि जुलाई की 21 तारीख तक यह कमी घटकर 21 प्रतिशत रह गई। 

1 जून से 17 जुलाई की अवधि के आंकड़े से पता चलता है कि देश के कुल 741 जिलों में से करीब 60 प्रतिशत जिलों में मानसून की बारिश कम या बहुत कम हुई। उस समय तक बिहार के 38 जिलों में से 95 प्रतिशत में वर्षा का अभाव देखा गया। इसी तरह केरल के 86 प्रतिशत और तेलंगाना के 85 प्रतिशत जिलों में बारिश की कमी दर्ज की गई।

इसके अलावा आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात और पंजाब में भी 64 से 81 प्रतिशत जिलों में सामान्य औसत से कम वर्षा हुई। हालांकि अब मानसून कई राज्यों में सक्रिय हुआ है और वहां अच्छी बारिश भी हुई है लेकिन कुल मिलाकर वर्षा की कमी बरकरार है। खरीफ फसलों की बिजाई पर वर्षा की कमी का गंभीर प्रतिकूल असर देखा जा रहा है।