खाद्यान्न का ऊंचा स्टॉक महंगाई में वृद्धि को सीमित रखने में कारगर

23-Jul-2026 04:01 PM

नई दिल्ली। हालांकि अल नीनो मौसम चक्र के प्रभाव से दक्षिण पश्चिम मानसून की अनियमित, असमान एवं अनिश्चित वर्षा के कारण इस बार खरीफ फसलों की बिजाई में बाधा पड़ रही और इसका रकबा गत वर्ष से काफी पीछे चल रहा है

जिससे उत्पादन घटने तथा खाद्य महंगाई बढ़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक का मानना है कि सरकार के पास मौजूद चावल, गेहूं एवं दलहन के विशाल स्टॉक के कारण महंगाई में ज्यादा बढ़ोत्तरी नहीं होगी। बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत इस स्टॉक का बेहतर ढंग से इस्तेमाल किया जा सकता है। 

भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पास खाद्यान्न का अत्यन्त विशाल स्टॉक मौजूद है जिससे कीमतों में तेजी पर अंकुश लगाने में सहायता मिलेगी। वैसे अन्य खाद्य उत्पादों की कीमतों में होने वाली वृद्धि को नियंत्रित करने में सरकार को कठिनाई हो सकती है और इसके लिए कुछ सामयिक नीतिगत निर्णय लेने की आवश्यकता पड़ सकती है। इसमें खाद्य तेल, चीनी, मसाले तथा सब्जियां आदि शामिल हैं।

मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष 1 जून से 21 जुलाई के दरम्यान देश में कुल मिलाकर 276.8 मि०मी० वर्षा हुई जो सामान्य औसत से 21 प्रतिशत कम है। देश के चारों मौसम संभागों में सामान्य से कम वर्षा हुई है जिससे धान, दलहन, तिलहन, मोटे अनाज एवं कपास आदि के रकबे में गिरावट देखी जा रही है। मौसम विभाग ने इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून के चार माह (जून-सितम्बर) की अवधि में दीर्घकालीन औसत के सापेक्ष 90 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान लगाया है। इससे खाद्य महंगाई में वृद्धि के प्रति चिंता बढ़ गई है। 

खाद्य उत्पादों का भाव तेज होना शुरू हो चुका है। खुदरा खाद्य महंगाई का स्तर मई के 4.78 प्रतिशत से बढ़कर जून में 5.32 प्रतिशत पर पहुंच गया जिससे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित शीर्ष महंगाई दर भी जून में 4.38 प्रतिशत पर पहुंची। यह न केवल पिछले 18 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है बल्कि रिजर्व बैंक के मध्यावधि लक्ष्य 4 प्रतिशत से भी ज्यादा है।