खपत कम होने से चीनी के पूरे कोटे की बिक्री में कठिनाई
27-Mar-2026 12:14 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने मार्च 2026 के लिए 22.50 लाख टन चीनी की घरेलू बिक्री का कोटा नियत किया था और ऐसा लग रहा था कि मिलों को इस पूरे कोटे की बिक्री करने में सफलता मिल जाएगी। लेकिन महत्वपूर्ण खपतकर्ता क्षेत्र- होटल, रेस्तरां बड़ी रसोई (सामुदायिक किचन) तथा ढाबा आदि को एलपीजी की समुचित आपूर्ति नहीं होने से वहां चीनी की खपत घट गई।
इसे देखते हुए लगता है कि मिलर्स को अपने निर्धारित कोटे के अनुरूप चीनी बेचने में कामयाबी नहीं मिल पाएगी और कोटे का कुछ भाग अनबिका रह जाएगा।
इस बीच उद्योग- व्यापार क्षेत्र का मानना है कि अप्रैल माह के लिए सरकार चीनी की बिक्री का कोटा कुछ बढ़ाकर 23.00-23.50 लाख टन के बीच नियत कर सकती है। यदि ऐसा हुआ तो चीनी की कीमतों पर दबाव कुछ बढ़ सकता है जिससे मिलों को कठिनाई होगी।
मार्च माह को समाप्त होने में एक सप्ताह से भी कम समय रह गया है जबकि शीर्ष उद्योग संस्था- इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) के महानिदेशक का कहना है कि अधिकांश मिलों द्वारा अपने नियत कोटे की महज 50-60 प्रतिशत चीनी की बिक्री की गई है।
मिलर्स को प्रत्येक माह के लिए निर्धारित कोटे के अनुरूप चीनी बेचना अनिवार्य होता है चाहे बाजार भाव कुछ भी हो। हालांकि चीनी का निर्यात प्रदर्शन कुछ सुधरने के आसार हैं मगर अप्रैल का ऊंचा कोटा मिलर्स को काफी परेशान कर सकता है।
