भारत में जीडीपी की विकास दर 6.2 प्रतिशत रहने का अनुमान
20-May-2026 05:24 PM
मुम्बई। विभिन्न बाहरी एवं आंतरिक समस्याओ तथा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए एक अग्रणी रेटिंग एजेंसी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की विकास दर का अनुमान 6.5 प्रतिशत से घटाकर 6.2 प्रतिशत नियत कर दिया है इससे पूर्व 2025-26 वित्त वर्ष के लिए भी रेटिंग एजेंसी ने भारतीय जीडीपी की विकास दर 7.5 प्रतिशत रहने की संभावना व्यक्त की थी जो राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के दूसरे अग्रिम अनुमान 7.6 प्रतिशत से कुछ कम था।
इस वर्ष अलनीनो मौसम चक्र एवं उर्वरको के आभाव के कारण कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन कुछ कमजोर रहने की संभावना है जिससे देश के ग्रामीण क्षेत्र की अर्थ व्यवस्था एवं किसानो की आमदनी पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसके फलस्वरूप एफ एम पी जी उत्पादों के कारोबार में कमी आने की आशंका बढ़ जाएगी। तेल-गैस एवं रासायनिक उर्वरको के आयात में बाधा पड़ रही है। उर्वरको का आयात खर्च बढ़ने के बावजूद सरकार किसनो पर इसका भार नहीं पड़ने देना चाहती है। इस वर्ष देश का औद्योगिक विकास भी धीमा रह सकता है। खनिज, ऊर्जा बिजली विनिर्माण एवं अन्य क्षेत्रो का प्रदर्शन सामान्य रह सकता है। रूपए के भारी अवमूलयन एवं विदेशी व्यापार घाटा के बढ़ते दायरे से भी देश की चिंता बढ़ गई है।
