भारत में हरी मसूर की मांग पर असमंजस, आयात सीमित रहने के संकेत
21-Mar-2026 11:03 AM
सरकार ने 2025-26 खरीफ विपणन वर्ष के लिए लगभग 22 लाख टन अरहर की MSP पर खरीद को मंजूरी दी है। हालांकि अब तक खरीद की गति धीमी रही है, क्योंकि कई राज्यों में बाजार भाव MSP से ऊपर चल रहे हैं, जिससे किसान खुले बाजार में बिक्री को प्राथमिकता दे रहे हैं।
सरकार अनुसार इस वर्ष अरहर का उत्पादन 34.6 लाख टन रहेगा, जो पिछले वर्ष से करीब 4.4 प्रतिशत कम है।
तूर की कीमतों में मजबूती और सीमित उपलब्धता के कारण मिलर्स वैकल्पिक रूप से मसूर का उपयोग बढ़ा सकते हैं, जिससे आयातित हरी मसूर की मांग में सुधार संभव है।
सरकार की वास्तविक खरीद करीब 3.7 लाख टन तक सीमित रह सकती है। पिछले वर्षों का करीब 3 लाख टन स्टॉक मिलाकर कुल सरकारी भंडार लगभग 6.6 लाख टन तक पहुंच सकता है।
कनाडा में 2025 के दौरान हरी मसूर का उत्पादन बढ़कर 17 लाख टन हो गया है, जो पिछले वर्ष के 7.5 लाख टन से काफी अधिक है। अधिक उत्पादन के चलते वैश्विक बाजार में दबाव बना हुआ है। हालांकि 2026 में उत्पादन घटने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे सप्लाई संतुलन में सुधार आ सकता है।
भारत में पर्याप्त अरहर उपलब्धता और सरकारी स्टॉक के चलते हरी मसूर की आयात मांग सीमित रह सकती है, जबकि वैश्विक स्तर पर अधिक सप्लाई बाजार पर दबाव बनाए रख सकती है।
