आयात शुल्क स्थगित होने के बाद रूई के दाम में नरमी
02-Jun-2026 11:56 AM
मुम्बई। केन्द्र सरकार द्वारा जून से अक्टूबर 2026 तक के पांच महीनों के लिए रूई पर लागू आयात शुल्क को वापस लेने या स्थगित रखने की घोषणा किए जाने के बाद घरेलू बाजार में इसका भाव नरम पड़ने लगा है। हाल के दिनों में रूई के वैश्विक बाजार मूल्य में भी गिरावट आई है। रूई पर पहले 11 प्रतिशत का आयात शुल्क लगा हुआ था जो अब स्थगित हो गया है। उधर न्यूयार्क स्थित इंटरकांटीनेंटल एक्सचेंज (आईसीई) में चालू सप्ताह के प्रथम दिन यानी 1 जून 2026 को रूई के वायदा मूल्य में मामूली सुधार दर्ज किया गया।
उद्योग-व्यापार क्षेत्र के समीक्षकों का कहना है कि आयात शुल्क के स्थगन की घोषणा होने के बाद भारतीय टैक्स टाइल मिलों ने रूई की खरीद का अनुबंध शुरू कर दिया है। फिलहाल सीमित मात्रा में इसकी बुकिंग की गई है जबकि आगे इसमें अच्छी बढ़ोत्तरी हो सकती है।
इस बीच केन्द्रीय कपड़ा मंत्रालय की अधीनस्थ एजेंसी- भारतीय कपास निगम (सीसीआई) ने 1 जून को अपने स्टॉक की रूई के आधार पर बिक्री मूल्य में एक बार फिर 700 रुपए प्रति कैंडी (356 किलो) की कटौती कर दी है। इससे पूर्व दो चरणों में आधार बिक्री मूल्य को कुल 3000 रुपए प्रति कैंडी घटाया गया था।
लेकिन इस नई कटौती के बावजूद निगम की रूई की खरीद में मिलर्स एवं व्यापारियों की दिलचस्पी कम रही और 1 जून को केवल 700 गांठ (170 किलो की प्रत्येक गांठ) रूई का कारोबार हो सका। आईसीई में रूई का वायदा भाव 1.68 प्रतिशत सुधरकर 77.44 सेंट प्रति पौंड पर पहुंच गया।
व्यापार विश्लेषकों के अनुसार खरीदारों की उदासीनता के कारण रूई के घरेलू बाजार मूल्य पर दबाव बना हुआ है। सीमा शुल्क स्थगित होने के बाद अब खरीदारों को नया विकल्प मिल गया है।
वे चाहे तो विदेशों से सीधे इसका आयात कर सकते हैं अथवा स्वेदशी रिसेलर्स से इसकी खरीद कर सकते हैं। इसमें स्टॉकिस्टों के साथ-साथ भारतीय कपास निगम और बहुराष्ट्रीय कंपनियां भी शामिल हैं। कपास की बिजाई आरंभ होने वाली है।
