आपूर्ति एवं उपलब्धता समाप्त होने से चीनी में भारी तेजी के आसार कम

28-Mar-2026 05:18 PM

नई दिल्ली। केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने अप्रैल माह में घरेलू बिक्री के लिए 23 लाख टन चीनी का कोटा नियत किया है जो मार्च के कोटे से 50 हजार टन ज्यादा मगर अप्रैल 2025 के कोटे से 50 हजार टन कम है। आमतौर पर अप्रैल-मई में भारी गर्मी पड़ने से चीनी की औद्योगिक मांग एवं घरेलू खपत बढ़ जाती है जिससे इसकी कीमतों में तेजी-मजबूती की उम्मीद रहती है। पिछले साल अप्रैल में 23.50 लाख टन चीनी का फ्री सेल कोटा जारी हुआ था और उसकी पूरी मात्रा की बिक्री भी हो गयी थी।

लेकिन इस बार स्थिति कुछ भिन्न नजर आ रही है। मार्च में 22.50 लाख टन चीनी का जो फ्री सेल कोटा जारी हुआ उसकी सम्पूर्ण मात्रा की बिक्री होने में संदेह है क्योंकि देश के अधिकांश भाग में एलपीजी की आपूर्ति में कठिनाई होने से होटल, रेस्तरां एवं सामुदायिक रसोई सहित कुछ अन्य खपतकर्ता क्षेत्र में चीनी की मांग कमजोर पड़ गयी। होटल-रेस्टोरेंट कुछ दिनों के लिए बंद भी हो गये थे। इसके अलावा तापमान ज्यादा ऊंचा नहीं होने से मार्च में आइसक्रीम एवं कोल्ड ड्रिक्स (शीतल पेय) के निर्माण में भी चीनी की खपत अपेक्षाकृत कम होने की सम्भावना है। समझा जाता है कि मार्च के तीसरे सप्ताह तक अनेक मिलों द्वारा अपने नियत कोटे की महज 50-60 प्रतिशत चीनी की बिक्री की जा सकी और शेष स्टॉक उसके पास ही मौजूद रहा।

यदि मार्च की चीनी के अनबिके स्टॉक को अप्रैल में बेचने की अनुमति दी गयी तो इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता काफी बढ़ जाएगी और फिर कीमतों में ज्यादा तेजी आने की उम्मीद नहीं रहेगी। अप्रैल में मौसम की हालत कैसी रहती है इस पर भी चीनी की मांग एवं कीमत निर्भर रहेगी।