वित्त वर्ष 2025-26 में खाद्य तेलों का आयात 3 प्रतिशत बढ़ा
21-May-2026 03:56 PM
मुम्बई। स्वदेशी वनस्पति तेल उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र के एक अग्रणी संगठन- सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोएसिशन ऑफ इंडिया (सी) का कहना है कि नेपाल से शुल्क मुक्त खाद्य तेल का भारी आयात होने से वित्त वर्ष 2024-25 के मुकाबले 2025-26 के दौरान भारत में खाद्य तेलों का कुल आयात 3 प्रतिशत बढ़ गया।
'सी' के आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2025-26 की पूरी अवधि (अप्रैल-मार्च) के दौरान भारत में खाद्य तेलों का आयात बढ़कर 166.51 लाख टन पर पहुंच गया जबकि 2024-25 में यह 161.82 लाख टन तक ही पहुंचा था।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार भाव ऊंचा होने तथा डॉलर के सापेक्ष रुपए का भारी अवमूल्यन होने के बावजूद खाद्य तेलों के आयात में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। आयात खर्च भी बढ़ गया।
एसोसिएशन से कार्यकारी निदेशक का कहना है कि साफ्टा समझौते के तहत नेपाल से भारत में भारी मात्रा में शुल्क मुक्त खाद्य तेलों (रिफाइंड तेल) का आयात हो रहा है जबकि वह इसका कोई बड़ा उत्पादक देश नहीं है।
नेपाल विदेशों से क्रूड पाम तेल, क्रूड सोयाबीन तेल एवं क्रूड सूरजमुखी तेल मंगाता है और फिर उसकी प्रोसेसिंग करके रिफाइंड खाद्य तेल भारत को भेज देता है। नेपाल से भारत में खाद्य तेलों के आयात पर कोई सीमा शुल्क नहीं लगता है इसलिए वह सस्ता पड़ता है। सड़क मार्ग से आने के कारण उसमें समय भी कम लगता है।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक नेपाल से 2024-25 में करीब 3.45 लाख टन खाद्य तेल का निर्यात हुआ था जो 2025-26 के वित्त वर्ष में दोगुने से ज्यादा बढ़कर 7.36 लाख टन पर पहुंच गया। इस तरह निर्यात में 113 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। इसमें रिफाइंड सोयाबीन तेल की मात्रा सबसे ज्यादा रही।
