Home News
24-Oct-2026 11:42 AM
नई दिल्ली। रिकॉर्ड तेजी आने के कारण हल्दी का हाजिर व्यापार प्रभावित हो रहा है। वर्तमान में हल्दी का उठाव काफी कम रह गया। निर्यात मांग भी घट गई है। सूत्रों का मानना है कि हाजिर में कमजोर उठाव के कारण आगामी दिनों में हल्दी के भाव घटने की संभावना है लेकिन अधिक नहीं क्योंकि स्टॉक कम रह गया है और नए फसलों की आवक फरवरी माह में निजामाबाद लाइन पर शुरू होगी।
उल्लेखनीय है कि चालू सीजन के दौरान उत्पादक केन्द्रों पर हल्दी के बिजाई क्षेत्रफल में 30/35 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी लेकिन बारिश की कमी के चलते फसल को नुकसान होने के समाचार मिल रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र में सूखा घोषित होने के कारण हिंगोली, नांदेड, बसमत लाइन पर हल्दी की फसल को नुकसान के समाचार मिल रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि बिजाई की फसल सूखने लगी है। कुल उत्पादन में महाराष्ट्र राज्य की भागीदारी 40/45 प्रतिशत की रहती है। इसके अलावा इरोड लाइन पर पानी की कमी के कारण फसल को नुकसान के समाचार है। आंध्र प्रदेश में भी फसल की स्थिति अच्छी नहीं है। निजामाबाद लाइन पर पानी की कमी के चलते उत्पादन पूर्वानुमानों की तुलना में कम रहेगा। वर्तमान स्थिति को देखते हुए संभावना व्यक्त की जा रही है कि दूसरे वर्ष भी देश में हल्दी का उत्पादन कम रहेगा। बशर्ते आगामी दिनों में मौसम फसल के प्रतिकूल बना रहे। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में देश में हल्दी का उत्पादन 90/95 लाख बोरी का रहा था जोकि वर्ष 2026 में घटकर 80/85 लाख बोरी का रह गया।
आवक
हालांकि कीमतों में रिकॉर्ड तेजी आई है लेकिन स्टॉक की कमी के चलते मंडियों में आवक नहीं बढ़ रही है। वर्तमान में इरोड लाइन पर आवक 2000/2500 बोरी की चल रही है। जबकि निजामाबाद में 500/700 बोरी की आवक हो रही है। महाराष्ट्र की सांगली मंडी में हल्दी की नीलामी सप्ताह में तीन बार होती है और साप्ताहिक आवक 9/10 हजार बोरी की होती है। नान्देड में आवक 800/1000 बोरी की चल रही है। जबकि हिंगोली मंडी में आवक 5/6 हजार बोरी एवं बसमत 4/5 हजार बोरी की हो रही है।
भाव रिकॉर्ड स्तर पर
चालू सप्ताह के दौरान वायदा में बढ़ते भाव एवं मंडियों में कमजोर आवक के कारण उत्पादक केन्द्रों की मंडियों सहित दिल्ली बाजार में भी हल्दी के भाव रिकॉर्ड स्तर पर बोले जाने लगे हैं। वर्तमान में दिल्ली बाजार में हल्दी सिंगल पॉलिश गट्ठा का भाव 227/228 रुपए पर बोला जाने लगा है। इससे पूर्व अगस्त में भाव 194/195 रुपए एवं सितम्बर में भाव 184/185 रुपए बोला जा रहा था। उत्पादक केन्द्रों से मिली जानकारी के अनुसार इरोड मंडी में गट्ठा का भाव 200/205 रुपए एवं निजामाबाद में 190/200 रुपए का स्तर छू गया है। अधिकांश मंडियों में गट्ठा के भाव 200 रुपए का स्तर पार कर गए हैं। जोकि अब तक का रिकॉर्ड भाव माना जा रहा है। सूत्रों का मानना है कि भाव लगातार बढ़ने के कारण कीमतों में एक बार गिरावट आनी चाहिए लेकिन अधिक नहीं क्योंकि मंडियों में स्टॉक कम है साथ ही नई फसल आने में अभी लगभग 4 माह का समय शेष है। सूत्रों का कहना है कि जनवरी अंत या फरवरी माह के शुरू में निजामाबाद लाइन पर नए मालों की आवक शुरू हो जाएगी।
निर्यात
मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2026-27 के प्रथम तीन माह में हल्दी के निर्यात में 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है जबकि भाव ऊंचे होने के कारण आय में 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-जून 2026 के दौरान हल्दी का निर्यात 51987 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 875.70 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-जून 2025 में हल्दी का निर्यात 47950 टन का हुआ था और निर्यात से प्राप्त आय 727 करोड़ की रही थी। वर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) के दौरान हल्दी का कुल निर्यात 175896 टन का किया गया और निर्यात से प्राप्त आय 2885.39 करोड़ की रही थी।