धान के उत्पादन क्षेत्र में करीब 17 लाख हेक्टेयर की गिरावट
14-Sep-2026 05:45 PM
नई दिल्ली। पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष खरीफ फसलों के कुल उत्पादन क्षेत्र में 16.05 लाख हेक्टेयर की गिरावट आई है जबकि अकेले धान का रकबा इससे ज्यादा-लगभग 17 लाख हेक्टेयर घट गया है। अन्य फसलों के क्षेत्रफल में हुई कमी-वृद्धि से यह समीकरण बना है। धान की फसल को पानी की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ती है क्योंकि इसकी बिजाई कम और रोपाई ज्यादा होती है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष खरीफ सीजन के सबसे प्रमुख खाद्यान्न- धान का उत्पादन क्षेत्र 11 सितम्बर तक 426.81 लाख हेक्टेयर पर पहुंच सका जो पिछले साल की समान अवधि के रकबा 443.78 लाख हेक्टेयर से 16.97 लाख हेक्टेयर कम रहा। दरअसल जून में मानसून की स्थिति बेहद कमजोर रहने से धान की रोपाई में भारी बाधा पड़ी थी और तभी से इसका रकबा गत वर्ष से पीछे चला आ रहा है। जुलाई-अगस्त की बारिश के सहारे इसके क्षेत्रफल में काफी सुधार आया मगर वह गत वर्ष से काफी पीछे रह गया।
2025-26 के खरीफ सीजन में धान का उत्पादन क्षेत्र तेजी से बढ़कर सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया था इसलिए चालू वर्ष का रकबा छोटा प्रतीत हो रहा है। यह रकबा पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल से काफी अधिक है।
