बारिश की कमी से कुछ राज्यों में गन्ना की फसल प्रभावित
14-Sep-2026 07:08 PM
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्तर पर गन्ना की खेती तो पहले ही पूरी हो चुकी है लेकिन सही समय पर अच्छी वर्षा नहीं होने से फसल की प्रगति में बाधा पड़ रही है। इससे गन्ना की औसत उत्पादकता एवं चीनी की रिकवरी में कमी आ सकती है। महाराष्ट्र के कई भागों एवं कर्नाटक तथा तमिलनाडु के अधिकांश इलाकों में इस बार दक्षिण पश्चिम मानसून की बारिश कम हुई है। अन्य महत्वपूर्ण उत्पादक राज्यों में भी वर्षा का असमान वितरण देखा जा रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार चालू वर्ष के दौरान गन्ना का घरेलू उत्पादन क्षेत्र 58.47 लाख हेक्टेयर पर पहुंच सका जो पिछले साल के क्षेत्रफल 58.87 लाख हेक्टेयर से 40 हजार हेक्टेयर कम है बिजाई की प्रक्रिया लगभग समाप्त होने के बाद भी चीनी के उत्पादन का कोई ठोस अनुमान लगाना संभव नहीं हो रहा है
क्योंकि नीनो एवं कमजोर मानसून से फसल को अब भी खतरा बना हुआ है। गन्ना फसल की एक मुश्त कटाई नहीं होती है बल्कि इसका सिलसिला अक्टूबर से आरंभ होकर अप्रैल तक चलता रहता है। फसल को नियमित अंतराल पर बारिश की जरूरत पड़ती है।
चीनी उत्पादन का परिदृश्य साफ नहीं हो रहा है। उद्योग संगठन दुविधा में है क्योंकि सरकार ने एथनॉल निर्माण में गन्ना अवयवों के उपयोग के बारे में अभी तक किसी निर्णय की घोषणा नहीं की है।
