तिलहन फसलों का वैश्विक उत्पादन 73.35 करोड़ टन के करीब होने का अनुमान
14-Sep-2026 06:00 PM
वाशिंगटन। अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) ने अपनी सितम्बर की रिपोर्ट में 2026-27 सीजन के दौरान तिलहन फसलों का सकल वैश्विक उत्पादन बढ़कर 72.346 करोड़ टन पर पहुंचने की संभावना व्यक्त की है जो अगस्त की रिपोर्ट में लगाए गए अनुमान 72.10 करोड़ टन से करीब 25 लाख टन ज्यादा है। इसका कारण मुख्यतः रेपसीड तथा सूरजमुखी के उत्पादन में इजाफा होना है।
रेपसीड के वैश्विक उत्पादन अनुमान में 19 लाख टन की बढ़ोतरी की गई है और खासकर ऑस्ट्रेलिया तथा रूस में उत्पादन का आंकड़ा बढ़ाया गया है। इसके अलावा कजाकिस्तान एवं उरुग्वे में भी इसके उत्पादन अनुमान में कुछ वृद्धि की गई है। इसी तरह सूरजमुखी का वैश्विक उत्पादन अनुमान 10 लाख टन बढ़ाया गया है। इसके तहत कजाकिस्तान, रूस एवं यूरोपीय संघ में उत्पादन बेहतर होने की संभावना व्यक्त की गई है।
उस्डा की रिपोर्ट में 2026-27 सीजन के लिए सोयाबीन के वैश्विक उत्पादन, निर्यात एवं क्रशिंग के अनुमान में बढ़ोत्तरी की गई है। लेकिन खपत में वृद्धि होने से बकाया स्टॉक का अनुमान घटा दिया गया है। सितम्बर की रिपोर्ट में सोयाबीन का वैश्विक उत्पादन 44.23 करोड़ टन होने की संभावना व्यक्त की गई है जो अगस्त के आंकड़े से 1 लाख टन ज्यादा है। इसके तहत अमरीका तथा कनाडा के उत्पादन अनुमान में वृद्धि तथा भारत एवं यूरोपीय संघ के उत्पादन अनुमान में कटौती की गई है।
उस्डा ने अगस्त की रिपोर्ट में 2026-27 सीजन के दौरान विश्व स्तर पर 19,041 करोड़ टन सोयाबीन का निर्यात होने का अनुमान लगाया था जिसे सितम्बर की रिपोर्ट में बढ़ाकर 19,158 करोड़ टन नियत किया है। इसके तहत अमरीका, कनाडा बेनिन एवं यूक्रेन से निर्यात का अनुमान बढ़ाया गया है। दूसरी ओर यूरोपीय संघ, भारत तथा जापान में इसके आयात के अनुमान में वृद्धि की गई है। मार्केटिंग सीजन के अंत में सोयाबीन का वैश्विक बकाया स्टॉक 12.40 करोड़ टन रहने की संभावना व्यक्त की गई है।
