दलहन मिशन के तहत नए बीज प्रांतीय स्तर पर जारी करने का निर्णय
10-Feb-2026 11:57 AM
भोपाल। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा है कि दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन के अंतर्गत मूल्य शृंखला का दायरा बढ़ाने का जोरदार प्रयास किया जाएगा और दलहनों के नए विकसित बीजों को अब व्यावसायिक खेती के लिए दिल्ली में नहीं बल्कि प्रांतीय स्तर पर किसानों के बीच जारी किया जाएगा।
कृषि मंत्री द्वारा गत सप्ताह राष्ट्रीय स्तर 'दलहन क्रांति' का शुभारंभ किया गया। कृषि मंत्री के अनुसार विदेशों से दलहनों का आयात गर्व की नहीं बल्कि शर्म की बात है और इसलिए आयात को रोकना आवश्यक है।
उल्लेखनीय है कि भारत पिछले कई वर्षों से दुनिया में दलहनों का सबसे प्रमुख उत्पादक, उपभोक्ता एवं आयातक देश बना हुआ है। कृषि मंत्री के अनुसार दलहन मिशन के अंतर्गत नए बीज के विकास-सुधार एवं विवरण की नई व्यवस्था आरंभ की जाएगी
और इसे सीधे बाजार में उतारने का प्रयास किया जाएगा। क्लस्टर मॉडल्स के माध्यम से किसानों को दलहनों का नव विकसित एवं उन्नत बीज उपलब्ध करवाया जाएगा। जो किसान इन कस्टमर्स से जुड़े रहेंगे उन्हें दलहन बीज की थैली (किट) तथा 10 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार मॉडल फार्मिंग को प्रोत्साहित करने पर ज्यादा ध्यान दे रही है।
कृषि मंत्री का कहना था कि अच्छे तथा उन्नत बीज, बेहतर तकनीक और पर्याप्त वित्तीय सहायता के माध्यम से देश में दलहनों का उत्पादन बढ़ाकर नई ऊंचाई पर पहुंचाया जा सकता है। भारत को दलहनों के मामले में पहले आत्मनिर्भर बनना होगा और फिर इसके निर्यात पर जोर देना होगा।
सरकार का इरादा भारत को दलहनों के सबसे प्रमुख आयातक देश की श्रेणी से बाहर निकालकर सबसे बड़े निर्यातक देश की सूची में सम्मिलित करना है और दलहन मिशन इसी सोच के साथ काम करेगा।
