दलहनों का आयात 18 प्रतिशत घटकर 59.60 लाख टन पर अटका

22-May-2026 01:10 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि विदेश में दलहनों का कुल आयात 2024-25 वित्त वर्ष की तुलना में 2025-26 के दौरान करीब 18 प्रतिशत घटकर 59.60 लाख टन रह गया लेकिन फिर भी यह आंकड़ा उद्योग-व्यापार क्षेत्र के अनुमान 52-53 लाख टन से अधिक रहा। 

हालांकि समीक्षाधीन वर्ष के दौरान तुवर एवं उड़द के आयात में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई लेकिन मसूर, देसी चना, पीली मटर, काबुली चना तथा राजमा- लोबिया का आयात घट गया। भारत में मूंग का आयात नहीं होता है क्योंकि इस पर प्रतिबंध लगा हुआ है। इस अवधि में दलहनों का आयात खर्च भी करीब 35 प्रतिशत घटकर 3.57 अरब डॉलर रह गया क्योंकि वैश्विक बाजार में दलहनों का भाव नरम रहा था। 

जहां तक तुवर की बात है तो इसका आयात 21 प्रतिशत बढ़कर 14.80 लाख टन पर पहुंच गया जो कुल दलहन आयात का करीब 25 प्रतिशत रहा। इसके तहत मोजाम्बिक से 5,90,712 टन, म्यांमार से 3,66,400 टन और तंजानिया से 3,60,260 टन तुवर मंगाया गया जबकि शेष आयात मलावी सहित अन्य अफ्रीकी देशों से किया गया।

इस अवधि में उड़द का आयात भी 28 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 10.50 लाख टन पर पहुंच गया इसके तहत म्यांमार से 7,81,135 टन, ब्राजील से 2,40,748 टन तथा थाईलैंड सहित अन्य देशों से 11,802 टन उड़द का आयात किया गया। 

दूसरी ओर मसूर का आयात 6 प्रतिशत गिरकर 11.50 लाख टन के करीब रह गया। इस अवधि में ऑस्ट्रेलिया से 5,65,528 टन तथा कनाडा से 5,33,273 टन मसूर का आयात हुआ जबकि शेष आयात रूस तथा अमरीका सहित कुछ अन्य देशों से किया गया। दलहनों के आयात में सर्वाधिक 49 प्रतिशत की गिरावट पीली मटर में दर्ज की गई जिसकी मात्रा घटकर 11.10 लाख टन पर अटक गई।