मानसून की दशा और दिशा अनिश्चित रहने की आशंका

22-May-2026 03:20 PM

तिरुअनन्तपुरम। हालांकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इस वर्ष केरल के सुदूर दक्षिणी तट (कालीकट) पर 26 मई 2026 को ही दस्तक देने का अनुमान लगाया है जबकि इसके आने की तिथि 1 जून निर्धारित है लेकिन कुछ अंतर्राष्ट्रीय मौसम एजेंसियों ने आगाह किया है कि 15 जून के बाद मानसून की हालत अनिश्चित एवं अनियमित हो सकती है जिससे देश के विभिन्न भागों में लम्बे समय तक सूखे का माहौल बना रह सकता है। 

यदि यह भविष्यवाणी सच साबित हुई तो खरीफ फसलों की बिजाई में देर हो सकती है क्योंकि मई की भीषण गर्मी से खेतों की मिटटी सूख गई है। इतना ही नहीं बल्कि अरब सागर के ऊपर जो साइक्लोनिक सर्कुलेशन बन रहा है वह मानसून को भारत की तरफ आगे बढ़ने से रोक सकता है। इससे 26 मई को मानसून के आने में संदेह उत्पन्न हो गया है।  वैसे फिलहाल इस सम्बन्ध में निश्चित रूप से कुछ भी कहना मुश्किल है। 

कुल मिलाकर इस बार स्थिति उत्साहवर्धक नहीं बन रही है इसलिए सभी विकल्पों एवं पहलुओं पर गहरी नजर रखने  की आवश्यकता है। मानसून भारतीय कृषि क्षेत्र की लाइफ-लाइन है और इसका कमजोर रहना देश के लिए हानिकारक होगा।