2025-26 के दौरान चना एवं मटर के आयात में भारी गिरावट

22-May-2026 03:17 PM

नई दिल्ली। यद्यपि 2024-25 के मुकाबले 2025-26 के वित्त वर्ष (अप्रैल-मार्च) के दौरान देश में अरहर (तुवर) एवं उड़द के आयात में काफी बढ़ोत्तरी हुई लेकिन दूसरी ओर देसी तथा काबुली चना, पीली मटर एवं मसूर सहित अन्य दलहनों के आयात में भारी गिरावट दर्ज की गई। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में 2025-26 के दौरान पीली मटर का आयात 49 प्रतिशत लुढ़ककर 11.10 लाख टन पर अटक गया। इस अवधि में कनाडा से सर्वाधिक 8,75,515 टन तथा रूस से 1,90,490 टन मटर मंगाई गई जबकि शेष आयात अर्जेन्टीना तथा लाटविया सहित अन्य देशों से हुआ। भारत में केवल पीली मटर के आयात की स्वीकृति दी गई है। 

जहां तक देसी चना का सवाल है तो समीक्षाधीन वर्ष के दौरान इसका आयात 33 प्रतिशत घटकर 10.10 लाख टन रह गया। इसमें से 8,36,270 टन का आयात ऑस्ट्रेलिया से तथा 1,65,482 टन का आयात तंजानिया से किया गया जबकि शेष चना का आयात म्यांमार सहित कुछ अन्य देशों से हुआ। 

काबुली चना, राजमा एवं लोबिया सहित अन्य दलहनों (मूंग को छोड़कर) का आयात भी लगभग 49 प्रतिशत घटकर 2025-26 के वित्त वर्ष में 1,64,775 टन पर सिमट गया। इसका आयात दुनिया के विभिन्न देशों से किया जाता है।

वित्त वर्ष 2024-25 की भांति 2025-26 के दौरान भी भारत संसार में दलहनों का सबसे बड़ा आयातक देश बना रहा जहां कुल मिलाकर 59.60 लाख टन का आयात हुआ।