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30-Oct-2026 05:51 PM
मुम्बई। घरेलू प्रभाग में दाल-दलहन का भाव आगामी समय में ऊंचे स्तर पर मजबूत रहने की संभावना है। त्यौहारी सीजन समाप्त होने के बाद लग्नसरा का सीजन शुरू हो जाएगा जो फरवरी-मार्च तक चलता रहेगा। इस वर्ष मौसम एवं मानसून की हालत पूरी तरह फसल के अनुकूल नहीं होने से खरीफ कालीन दलहन और खासकर अरहर (तुवर) एवं मूंग के उत्पादन में गिरावट आने की आशंका है। उड़द का उत्पादन सामान्य हो सकता है।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख निर्यातक देशों में दलहन का भाव तेज होने लगा है। कनाडा में मसूर, मटर एवं काबुली चना के उत्पादन में गिरावट आई है लेकिन पिछला बकाया स्टॉक ऊंचा है।
वहां दलहन फसलों की कटाई-तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है लेकिन बेमौसमी वर्षा के कारण इसकी क्वालिटी पर असर पड़ा है। उधर ऑस्ट्रेलिया में मसूर का उत्पादन बढ़ने मगर चना की पैदावार घटने की संभावना है।
वहां नई की कटाई आरंभ हो चुकी है लेकिन असामयिक बारिश से वहां भी दलहनों की क्वालिटी प्रभावित होने की आशंका है। कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में दलहनों का भाव ऊंचा एवं तेज है।
अफ्रीकी देशों में तुवर का उत्पादन उम्मीद से कम हुआ है जबकि म्यांमार में तुवर एवं उड़द की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है। ब्राजील में भी उड़द का उत्पादन बेहतर होने की संभावना है। भारतीय रुपए की कमजोरी से दलहनों का आयात महंगा बैठ रहा है लेकिन फिर भी इसकी मात्रा बढ़ रही है।