सितम्बर की वर्षा से खरीफ उत्पादन में सुधार आने के आसार
04-Sep-2026 05:25 PM
नई दिल्ली। मौसम विभाग के अनुसार चालू माह (सितम्बर) के दौरान देश के विभिन्न राज्यों में हो रही मूसलाधार वर्षा से संकेत मिलता है कि भारतीय मानसून पर अल नीनो का सीमित असर पड़ा है। उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के ऊपर मौजूद कम दाब का क्षेत्र अगले कुछ दिनों में कमजोर पड़ सकता है मगर इसका मतलब यह नहीं है कि मानसून भी कमजोर पड़ जाएगा।
हालांकि देश के 47 प्रतिशत जिलों में मानसून की वर्षा सामान्य औसत से कम या बहुत कम हुई है अगर इसमें से अधिकांश जिले दक्षिण भारत एवं महाराष्ट्र में स्थित हैं। बिहार, बंगाल, उड़ीसा एवं झारखंड जैसे राज्यों के जिन जिलों में पहले वर्षा की कमी महसूस की जा रही थी वहां अब अच्छी बारिश होने लगी है।
बेशक 1 जून से 3 सितम्बर तक राष्ट्रीय स्तर पर सामान्य औसत से करीब 13 प्रतिशत कम बारिश हुई जिससे कहीं-कहीं खरीफ फसलों को नुकसान भी हुआ मगर अब भारी वर्षा होने से स्थिति में सुधार आने की उम्मीद की जा रही है।
उत्तरी, पूर्वी एवं पश्चिमोत्तर राज्यों में खरीफ फसलों का परिदृश्य अपेक्षाकृत बेहतर होने लगा है। खरीफ फसलों की बिजाई अंतिम चरण में पहुंच गई है। अगले कुछ दिनों तक वर्षा का दौर जारी रह सकता है जिससे फसलों के परिदृश्य में सुधार आने की उम्मीद की जा सकती है।
