सीसीआई द्वारा दाम घटाकर रूई की बिक्री शुरू किए जाने से वस्त्र उद्योग को राहत
30-May-2026 12:58 PM
मुम्बई। केन्द्रीय कपड़ा मंत्रालय की अधीनस्थ एजेंसी- भारतीय कपास निगम (सीसीआई) द्वारा न केवल अपने स्टॉक से रूई की बिक्री दोबारा आरंभ की गई है बल्कि वैश्विक बाजार भाव में आई नरमी को देखते हुए इसके आरक्षित आधार मूल्य में कटौती भी की गई है। इससे वस्त्र उद्योग को राहत मिलेगी।
निगम द्वारा 29 मई से रूई की बिक्री पुनः शुरू कर दी गई मगर पहले दिन उसे महज 1200 गांठ (170 किलो की प्रत्येक गांठ) रूई बेचने में सफलता मिल सकी। इसकी खरीद में कपड़ा मिलों की दिलचस्पी कम रही।
निगम ने अपनी रूई के दाम में 2300 रुपए प्रति कैंडी (356 किलो) की कटौती कर दी है इसलिए आगामी दिनों में इसकी बिक्री की गति तेज होने की संभावना है।
29 मई को निगम द्वारा करीब 1200 गांठ रुई बेची गई जिसमें से 800 गांठ की खरीद टैक्सटाइल मिलर्स एवं शेष भाग की खरीद व्यापारियों द्वारा की गई। हाल के दिनों में निगम द्वारा दूसरी बार रूई के दाम में कटौती की गई है। पिछले सप्ताह इसमें 700 रुपए प्रति कैंडी की कटौती हुई थी। इस तरह कुल 3000 रुपए प्रति कैंडी की कटौती हो चुकी है।
कुछ तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए निगम ने 22 मई से रूई की बिक्री रोक दी थी जिसे 29 मई से पुनः चालू कर दी गई। लेकिन इस मूल्य कटौती के बावजूद निगम की रूई एवं थोक मंडियों में उपलब्ध रूई के दाम में अंतर बना हुआ है जिससे खरीदार निगम की रूई खरीदने में कम रूचि दिखा रहे हैं।
खरीदार फिलहाल 'इंतजार करो और देखो' की नीति पर चल रहे हैं क्योंकि कॉटन यार्न का मौजूदा मूल्य उन्हें ऊंचे दाम पर रूई खरीदने की अनुमति नहीं दे रहे है। कॉटन यार्न का कारोबार कुछ सुस्त पड़ गया है।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में रूई का भाव हाल के दिनों में कुछ नरम पड़ा है। इससे घरेलू भाव पर भी असर पड़ा है। रिसेलर्स द्वारा सीसीआई की तुलना में 2000 रुपए प्रति कैंडी के नीचे दाम पर रूई की बिक्री की जा रही है।
