भारत और कनाडा के खाद्य तेल क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर

30-May-2026 03:39 PM

टोरंटो। कनाडा के दौरे पर गए एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने वहां उच्चाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण मीटिंग करके दोनों देशों के बीच व्यापारिक एवं आर्थिक सम्बन्ध को मजबूत बनाने पर जोर दिया। केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय उद्योग और खासकर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को वैश्विक बाजार में उपलब्ध अवसरों को जोड़ने की बात कही। उनका कहना था कि भारत सरकार भविष्य में अधिक से अधिक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों के दौरे को सुनिश्चित एवं प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कनाडा भारत का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक साझीदार है। 

कनाडा स्थित भारतीय उच्चायुक्त का कहना था कि दोनों देशों के बीच खाद्य तेल क्षेत्र में सहयोग और सम्बन्ध को और भी मजबूत बनाया जाना चाहिए और उद्योग प्रतिनिधमंडलों को एक-दूसरे देश का नियमित रूप से दौरा करते रहना चाहिए। इससे सम्पूर्ण मूल्य श्रृंखला से सम्बन्ध सभी पक्षों के बीच सहयोग और सम्बन्ध बढ़ाने में सहायता मिलेगी। 

भारतीय वनस्पति तेल उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र की शीर्ष संस्था- सेन्ट्रल ऑर्गेनाइजेशन फॉर ऑयल इंडस्ट्री एंड ट्रेड (कोएट) के चेयरमैन सुरेश-नागपाल भी कनाडा दौरे पर गए भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे। यह दौरा 25 से 27 मई 2026 के दौरान हुआ। 

भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सेपा) प्रस्तावित है। भारत और कनाडा के प्रतिनिधमंडल की मीटिंग में कहा गया कि कैनोला तेल भारत में पाम तेल का एक बेहतर एवं स्वास्थ्यप्रद विकल्प बन सकता है लेकिन इसे सरसों तेल के विकल्प के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। कनाडा दुनिया में कैनोला (सरसों की एक उच्च प्रजाति) एवं इसके तेल का सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश है। 

भारतीय प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि सरसों भारतीय तिलहन क्षेत्र की अर्थ व्यवस्था के एक प्रमुख आधार है जिससे लाखों किसानों की आजीविका जुडी हुई है इसलिए किसी भी व्यापार समझौते में भारतीय तिलहन उत्पादकों के हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।