साप्ताहिक समीक्षा-धनिया

28-Feb-2026 08:03 PM

धनिया उत्पादन में कमी के संकेत : कीमतों में अधिक मंदा नहीं 

नई दिल्ली। चालू सीजन के दौरान प्रमुख उत्पादक राज्य मध्य प्रदेश, गुजरात एवं राजस्थान में बिजाई क्षेत्रफल में कमी आने के कारण इस वर्ष देश में धनिया का उत्पादन गत वर्ष की तुलना में कम रहने के समाचार मिल रहे है। वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों पर नए धनिया की आवक शुरू हो गई है। गुजरात की मंडियों में आवक जोरों पर चल रही है। जबकि मध्य प्रदेश एवं राजस्थान की मंडियों में आवक मार्च माह में बढ़ेगी। गुजरात की प्रमुख मंडी गोंडल में प्रति सप्ताह लगभग 2 लाख बोरी का व्यापार रहा है। और भाव 85/110 रुपए प्रति किलो का क्वालिटीनुसार बोला जा रहा है। राजस्थान की रामगंज मंडी में आवक धीरे-धीरे बढ़कर 9/10 हजार बोरी की हो गई है। और भाव नमी के अनुसार 80/95 रुपए बोला जा रहा है। मध्य प्रदेश की कुम्भराज, नीमच, गुणा मंडी में आवक धीरे-धीरे बढ़ रही है लेकिन अभी नए मालों में 15/25 प्रतिशत की नमी आ रही है। 15 मार्च के पश्चात सूखे मालों की आवक शुरू होने लगेगी। 
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 के दौरान देश में धनिया की बिजाई 3.64 लाख हेक्टेयर पर की गई थी जोकि वर्ष 2025 में घटकर 3.37 लाख हेक्टेयर की रह गई है। उत्पादक केन्द्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार चालू सीजन के दौरान देश में धनिया का बिजाई क्षेत्रफल लगभग 3 लाख हेक्टेयर के आसपास रहने के अनुमान लगाए जा रहे है। 
उत्पादन अनुमान 
उत्पादक केन्द्रों पर कमजोर बिजाई एवं गत दिनों हुई मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में हुई बारिश से फसल को नुकसान के कारण संभावना व्यक्त की जा रही है कि चालू सीजन के दौरान देश में धनिया का उत्पादन 90/95 लाख बोरी के आसपास रहेगा। जबकि गत वर्ष उत्पादन 1/1.10 करोड़ बोरी (प्रत्येक बोरी 40 किलो) का माना गया था। वर्ष 2024 में उत्पादन 1.20 करोड़ बोरी एवं वर्ष 2023 में उत्पादन 1.60 करोड़ बोरी का माना गया था। 
स्टॉक कम 
विगत तीन वर्षों से देश में धनिया का उत्पादन घटने के कारण स्टॉक में भी कमी आ रही है। एक अनुमान के अनुसार वर्ष 2024 में नई फसल की आवक  के समय देश में धनिया का स्टॉक 45/50 लाख बोरी का माना गया था। जोकि वर्ष 2025 में घटकर 35/38 लाख बोरी का रह गया। चालू सीजन के दौरान स्टॉक 22/25 लाख बोरी होने के समाचार मिल रहे है।  
खपत एवं उपलब्धता 
जानकार सूत्रों का कहना है कि वर्ष 2026 के दौरान खपत की तुलना में धनिया की कुल उपलब्धता कम रहेगी। उल्लेखनीय है कि हमारी घरेलू खपत एवं निर्यात को मिलाकर धनिया की सालाना खपत लगभग 1.40/1.50 करोड़ बोरी की रहती है लेकिन चालू सीजन के दौरान नई पैदावार एवं बकाया स्टॉक को मिलाकर 1.15/1.20 करोड़ बोरी की रहेगी। 
अधिक मन्दा नहीं 
व्यापारियों का मानना है कि वर्ष 2026 के दौरान धनिया की कीमतों में अच्छी तेजी देखी जा सकती है। वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों पर धनिया ईगल का भाव 96/100 रुपए एवं बादामी का भाव 90/95 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा है जोकि मार्च माह में नए मालों की आवक का दबाव बनने पर भावों में 5/8 रुपए प्रति किलो की गिरावट आ सकती है। इससे अधिक मंदा संभव नहीं है। 
निर्यात 
चालू वित्त वर्ष 2025-26 के प्रथम आठ माह में धनिया निर्यात में 12 प्रतिशत एवं आय में 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-नवम्बर - 2025 में धनिया का निर्यात 42844 टन का किया गया और निर्यात से प्राप्त आय 457.86 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-नवम्बर 2024 में निर्यात 38314 टन का रहा था और प्राप्त आय 402.14 करोड़ की रही थी। वर्ष 2024-25 के दौरान धनिया का कुल निर्यात 60324 टन का रहा जबकि वर्ष 2023-24 में धनिया का रिकॉर्ड निर्यात 108624 टन का हुआ था।
आयात
मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान धनिया आयात में कमी आई है। वर्ष 2023-24 के दौरान धनिया का आयात 28827 टन का होने के पश्चात वर्ष 2024-25 में आयात 15292 टन का रहा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020-21 में आयात केवल 8777 टन का रहा। जोकि 2021-22 में बढ़कर 15603 टन एवं वर्ष 2022-23 में 31383 टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था।