साप्ताहिक समीक्षा-धान-चावल
25-Jul-2026 08:27 PM
कम आपूर्ति एवं सीमित कारोबार से धान चावल में मामूली घट-बढ़
नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण मंडियों में बासमती श्रेणी तथा 'ए' ग्रेड धान की सीमित आपूर्ति हो रही है और इसके कारोबार में भी ज्यादा तीव्रता या गतिशीलता नहीं देखी जा रही है। इसके फलस्वरूप 18-24 जुलाई वाले सप्ताह के दौरान कीमतों में 100-200 रुपए प्रति क्विंटल का सामान्य उतार-चढ़ाव देखा गया।
आवक
धान की आवक मुख्यत: छत्तीसगढ़ के भाटापाड़ा एवं राजिम, राजस्थान के कोटा एवं बूंदी तथा उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में हो रही है। दिल्ली की नरेला मंडी में दो दिनों तक 300-400 बोरी धान आया और फिर आना बंद हो गया। वहां कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। धान की दैनिक आवक भाटापाड़ा में 3-6 हजार बोरी, राजिम में 6 से 10 हजार बोरी, शाहजहांपुर में 13 से 30 हजार बोरी, बूंदी में 3 हजार बोरी, कोटा में 750-1150 बोरी तथा महाराष्ट्र के गोंदिया में 3 हजार बोरी दर्ज की गई। उत्तर प्रदेश की कुछ मंडियों में भी धान की छिटपुट आवक हुई।
चावल
जहां तक चावल का सवाल है तो विभिन्न केन्द्रों में इसके दाम में 100-200 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी-मंदी देखी गई। दरअसल होर्मुज स्ट्रेट के जल मार्ग से जहाजों के आवागमन में अनिश्चितता का माहौल रहने से भारतीय बासमती चावल के निर्यातकों की चिंता बढ़ गई है इसलिए के घरेलू प्रभाग में इसकी खरीद में कम दिलचस्पी दिखा रहे हैं। कुछ विशेष कारणों से गैर बासमती चावल का निर्यात ऑफर मूल्य भी बढ़ रहा है। खरीफ कालीन चावल का अत्यन्त विशाल स्टॉक मौजूद है लेकिन घरेलू बाजार में आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति कुछ हद तक जटिल हो गई है।
पंजाब
पंजाब के अमृतसर में बासमती चावल की कीमतों में 100-200 रुपए प्रति क्विंटल की नरमी रही। दिल्ली का नया बाजार काफी हद तक शांत रहा और उत्तराखंड की नगर मंडी में भी ज्यादा हलचल नहीं देखी गई।
