राजस्थान में खरीफ फसलों का क्षेत्रफल 25 प्रतिशत पीछे
09-Jul-2026 11:34 AM
जयपुर। देश के पश्चिमी भाग में अवस्थित एक महत्वपूर्ण कृषि उत्पादक प्रान्त- राजस्थान में बिजाई की गति इस बार काफी धीमी देखी जा रही है। वहां खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 63.10 लाख हेक्टेयर पर ही पहुंचा है जो गत वर्ष की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 83.70 लाख हेक्टेयर से 25 प्रतिशत कम तथा सामान्य औसत क्षेत्रफल 164.10 लाख हेक्टेयर का करीब 38 प्रतिशत है।
राज्य कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में चालू खरीफ सीजन के दौरान राजस्थान में धान का उत्पादन क्षेत्र 79 हजार हेक्टेयर से घटकर 47 हजार हेक्टेयर, मक्का का रकबा 6.00 लाख हेक्टेयर से गिरकर 2.52 लाख हेक्टेयर तथा बाजरा का बिजाई क्षेत्र 26.90 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर 16.70 लाख हेक्टेयर रह गया।
इसी तरह दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र भी पिछले साल के 17.60 लाख हेक्टेयर से घटकर इस बार 15.40 लाख हेक्टेयर पर अटक गया। दलहन फसलों में मूंग का बिजाई क्षेत्र 12.50 लाख हेक्टेयर से गिरकर 11.20 लाख हेक्टेयर, उड़द का क्षेत्रफल 1.44 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर 43 हजार हेक्टेयर पर आ गया। अन्य दलहनी फसलों की बिजाई भी पीछे चल रही है।
जहां तक तिलहन फसलों का सवाल है तो राजस्थान में इसका कुल उत्पादन क्षेत्र भी गत वर्ष के 13.50 लाख हेक्टेयर से घटकर इस बार 11.30 लाख हेक्टेयर रह गया। इसके तहत मूंगफली का बिजाई क्षेत्र तो 6.90 लाख हेक्टेयर से उछलकर 8.15 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा मगर सोयाबीन का क्षेत्रफल 5.96 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर 3.00 लाख हेक्टेयर रह गया।
राजस्थान में कपास का बिजाई क्षेत्र भी पिछले साल के 6.02 लाख हेक्टेयर से घटकर इस बार 4.95 लाख हेक्टेयर पर आ गया। लेकिन गन्ना का उत्पादन क्षेत्र 3455 हेक्टेयर से सुधरकर 3902 हेक्टेयर तथा ग्वार का रकबा 71.10 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 8.01 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
