चावल की खुले बाजार बिक्री योजना से एथनॉल उत्पादन बढ़ाने में मदद

27-Jul-2026 05:53 PM

नई दिल्ली। उद्योग समीक्षकों का कहना है कि सरकार द्वारा चलाई जा रही खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत डिस्टीलरीज को भी चावल का स्टॉक प्राप्त होने से खाद्यान्न आधारित एथनॉल का उत्पादन बढ़ाने तथा पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल के मिश्रण का लक्ष्य हासिल करने में अच्छी सहायता मिलेगी। 

2026-27 के मार्केटिंग सीजन (नवम्बर-अक्टूबर) के लिए एथनॉल डिस्टीलरीज को चावल की बिक्री हेतु केन्द्र सरकार ने  संशोधित मानक संचालनीय प्रक्रिया (सोप) लागू की है जिससे सरकारी गोदामों में वर्षों से रखे चावल के स्टॉक का उपयोग करने में भी मदद मिलेगी।

व्यापार विश्लेषकों के अनुसार पहले पुराने स्टॉक वाले चावल का सीमित व्यावसायिक (औधोगिक) उपयोग होता था लेकिन अब यह एथनॉल निर्माण के लिए एक आवश्यक एवं महत्वपूर्ण कच्चा माल बन गया है। इससे इसका उपयोग बेहतर ढंग से हो सकता है। 

उल्लेखनीय है कि चालू माह के आरंभ में सरकार ने एथनॉल निर्माताओं को आपूर्ति के लिए चावल का दाम 31 अक्टूबर 2026 तक के लिए 2320 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया था जबकि 1 नवम्बर 2026 से इसका मूल्य बढ़कर 2390 रुपए प्रति क्विंटल हो जाएगा। खाद्य मंत्रालय ने एफसीआई के स्टॉक से एथनॉल डिस्टीलरीज हेतु बिक्री के लिए 72 लाख टन चावल को अलग रखा है। गत वर्ष यह 55 लाख टन था।