News Capsule/न्यूज कैप्सूल: दलहन बाजार आउटलुक: उत्पादन घटने की आशंका से अरहर (तूर) के भाव में और तेजी संभव

14-Jul-2026 10:21 AM

News Capsule/न्यूज कैप्सूल: दलहन बाजार आउटलुक: उत्पादन घटने की आशंका से अरहर (तूर) के भाव में और तेजी संभव
★ अरहर (तूर) के भाव आने वाले महीनों में मजबूत बने रहने की संभावना है। यदि मानसून की स्थिति में जल्द सुधार नहीं होता और पर्याप्त वर्षा नहीं होती, तो कीमतों में रिकॉर्ड स्तर तक तेजी देखने को मिल सकती है।
★ इस वर्ष अरहर की बुवाई में भारी गिरावट दर्ज की गई है। प्रमुख उत्पादक राज्य महाराष्ट्र और कर्नाटक में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। फसल को इस समय तत्काल वर्षा की आवश्यकता है, जबकि बुवाई की अवधि लगातार कम होती जा रही है। यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं होती, तो छूटा हुआ रकबा वापस आना मुश्किल होगा।
★ भारत दुनिया का सबसे बड़ा अरहर उपभोक्ता और आयातक है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय निर्यातक देश भी भारत की फसल पर नजर बनाए हुए हैं। यदि घरेलू उत्पादन में बड़ी गिरावट आती है, तो आयात की मांग काफी बढ़ जाएगी।
★ देश में अरहर की वार्षिक खपत लगभग 45 लाख टन है। यदि उत्पादन केवल 20 लाख टन (एक संभावित परिदृश्य) तक सीमित रहता है, तो मांग पूरी करने के लिए लगभग 25 लाख टन की आवश्यकता होगी। लेकिन वैश्विक स्तर पर उपलब्धता भी सीमित है। म्यांमार से लगभग 3–4 लाख टन और अफ्रीकी देशों से अधिकतम 10 लाख टन अरहर उपलब्ध हो सकती है। यानी कुल मिलाकर लगभग 14 लाख टन आयात होने पर भी मांग और उपलब्धता के बीच बड़ा अंतर बना रह सकता है। ऐसे में सरकार के बफर स्टॉक कुछ समय तक राहत दे सकते हैं, लेकिन वे पूरे सीजन की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त नहीं होंगे।
★ बाजार में इन आशंकाओं के कारण अरहर के भाव लगातार मजबूत हो रहे हैं। यदि मानसून में जल्द सुधार नहीं हुआ और उत्पादन में उल्लेखनीय कमी आई, तो अरहर के भाव नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकते हैं।

अस्वीकरण (Disclaimer):
यह विश्लेषण I-Grain India द्वारा वर्तमान मौसम, बुवाई की प्रगति तथा उपलब्ध बाजार जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। उत्पादन, आयात, सरकारी नीतियां, मौसम तथा अन्य बाजार परिस्थितियों में बदलाव के कारण वास्तविक स्थिति और कीमतें अलग हो सकती हैं। यह रिपोर्ट केवल सूचना के उद्देश्य से है और इसे खरीद, बिक्री, निवेश या व्यापार संबंधी सलाह नहीं माना जाना चाहिए।