News Capsule/न्यूज कैप्सूल: उड़द की फसल पर संकट गहराया, उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका; कीमतों में तेजी जारी

14-Jul-2026 11:06 AM

News Capsule/न्यूज कैप्सूल: उड़द की फसल पर संकट गहराया, उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका; कीमतों में तेजी जारी
★ देश में इस वर्ष उड़द की फसल की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। कमजोर मानसून और समय पर पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण प्रमुख उत्पादक राज्यों में बुवाई प्रभावित हुई है, जिससे उत्पादन में भारी कमी की आशंका बढ़ गई है। देशभर में खरीफ बुवाई पिछले वर्ष की तुलना में पीछे चल रही है और दलहन क्षेत्र में भी गिरावट दर्ज की गई है।
★ महाराष्ट्र और कर्नाटक में उड़द की बुवाई का समय लगभग समाप्त हो चुका है, जबकि मध्य प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों में बुवाई की अवधि खत्म हो जाएगी। ऐसे में अब बुवाई क्षेत्र में किसी बड़े सुधार की संभावना नहीं दिख रही है।
★ विशेष रूप से महाराष्ट्र और कर्नाटक में सामान्य से कम वर्षा के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। कई क्षेत्रों में किसानों ने पहले बोई गई उड़द की फसल दोबारा बोनी पड़ी, जबकि अनेक स्थानों पर फसल खराब होने के बाद किसान सोयाबीन, मक्का या अन्य खरीफ फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। इससे उड़द का कुल रकबा और घटने की संभावना है।
★ मौजूदा मौसम और फसल की स्थिति को देखते हुए इस वर्ष उड़द का उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम रहने का अनुमान है। यदि आगामी दिनों में मौसम में उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ, तो उत्पादन में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।
★ घरेलू उत्पादन में संभावित कमी को देखते हुए भारत को म्यांमार और ब्राजील से रिकॉर्ड स्तर पर उड़द का आयात करना पड़ सकता है। हालांकि, बढ़ती वैश्विक मांग और भारत की आयात आवश्यकता के कारण इन देशों से आयात कीमतों में भी तेजी आने की संभावना है।
★ बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि घरेलू उत्पादन में बड़ी कमी आती है, तो केवल आयात के सहारे देश की पूरी मांग पूरी करना आसान नहीं होगा। ऐसी स्थिति में घरेलू बाजार में आपूर्ति का दबाव बना रह सकता है।
★ इसी कारण पिछले कुछ समय से उड़द की कीमतों में लगातार मजबूती देखने को मिल रही है। यदि उत्पादन संबंधी चिंताएं बनी रहती हैं और मौसम में सुधार नहीं होता, तो आने वाले महीनों में उड़द के भावों में तेजी का रुख जारी रहने की संभावना है।