बारिश के बावजूद गुजरात में खरीफ फसलों का रकबा गत वर्ष से काफी पीछे

14-Jul-2026 11:20 AM

गांधीनगर। देश के पश्चिमी भाग में अवस्थित एक महत्वपूर्ण कृषि उत्पादक प्रान्त- गुजरात में चालू माह के आरंभ में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता बढ़ने से अच्छी बारिश हुई जिससे खरीफ फसलों की बिजाई की रफ्तार कुछ बढ़ गई लेकिन पहले ही इसके रकबे में इतनी भारी गिरावट आ गई थी कि उस अंतर को पाटना संभव नहीं हो सका। 

राज्य कृषि विभाग की नई साप्तहिक रिपोर्ट के अनुसार गुजरात में इस वर्ष 13 जुलाई तक खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 39.75 लाख हेक्टेयर तक ही पहुंच सका जो गत वर्ष की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 50.27 लाख हेक्टेयर से 10.54 लाख हेक्टेयर कम है। 

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक गुजरात में पिछले साल के मुकाबले चालू खरीफ सीजन के दौरान धान का उत्पादन क्षेत्र 89 हजार हेक्टेयर से घटकर 47 हजार हेक्टेयर तथा मक्का का रकबा 1.60 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 1.54 लाख हेक्टेयर रह गया। 

दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र भी 1.34 लाख हेक्टेयर से घटकर 71 हजार हेक्टेयर पर अटक गया। इसके तहत अरहर (तुवर) का बिजाई क्षेत्र 81 हजार हेक्टेयर से लुढ़ककर 55 हजार हेक्टेयर, मूंग का रकबा 25 हजार हेक्टेयर से घटकर 5 हजार हेक्टेयर तथा उड़द का क्षेत्रफल 25 हजार हेक्टेयर से गिरकर 11 हजार हेक्टेयर पर अटक गया।

इसी तरह तिलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र भी 20.79 लाख हेक्टेयर से घटकर 15.71 लाख हेक्टेयर पर आ गया। इसके तहत मूंगफली का बिजाई क्षेत्र 18.51 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर 13.86 लाख हेक्टेयर, तिल का रकबा 19 हजार हेक्टेयर से गिरकर 5 हजार हेक्टेयर, अरंडी का क्षेत्रफल 19 हजार हेक्टेयर से घटकर 6 हजार हेक्टेयर तथा सोयाबीन  का उत्पादन क्षेत्र 1.90 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 1.75 लाख हेक्टेयर पर अटक गया। 

गुजरात में कपास का उत्पादन क्षेत्र 18.57 लाख हेक्टेयर से घटकर 16.75 लाख हेक्टेयर तथा ग्वार का रकबा 28 हजार हेक्टेयर से लुढककर 3 हजार हेक्टेयर रह गया। राज्य में खरीफ फसलों की बिजाई अभी जारी है।