न्यूजीलैंड एवं केन्या में बासमती चावल के जीआई टैग प्राप्त करने का प्रयास विफल

10-Nov-2025 12:59 PM

नई दिल्ली। हालांकि केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय के अधीनस्थ निकाय- कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकृत (एपीडा) ने न्यूजीलैंड तथा केन्या में भारतीय बासमती चावल के लिए एकल विपणन अधिकार तथा भौगोलिक संकेतक (जीआई) दर्जा (टैग) हासिल करने के लिए तथ्यों एवं आंकड़ों के साथ आवेदन दिया था लेकिन लम्बी बहस बाजी के बाद अंततः दोनों देशों में एपीडा के आवेदन को अस्वीकार कर दिया गया।

इस तरह बासमती चावल के एक मात्र पंजीकृत निर्यातक देश के रूप में मान्यता दिखाने के एपीडा के प्रयास को जोरदार धक्का लगा। 

न्यूजीलैंड के हाईकोर्ट ने एपीडा की उस अपील को खारिज कर दिया जिसमें भारतीय बासमती चावल के लिए सर्टिफकेशन ट्रेड मार्क अथवा सर्टीफिकेशन मार्क प्रदान करने का आग्रह किया गया था 30 अक्टूबर 2025 में हाईकोर्ट ने एपीडा के आवेदन को निरस्त करने का फैसला सुनाया था और अब इसे सार्वजनिक किया गया है। 

उल्लेखनीय है कि एपीडा ने फरवरी 2019 में ही न्यूजीलैंड के बौद्धिक सम्पदा कार्यकाल से सर्टिफिकेशन मार्क हासिल करने के लिए आवेदन किया था

और अब पांच वर्षों के बाद वहां ट्रेडमार्क के सहायक आयुक्त ने यह कहते हुए आवेदन को नामंजूर कर दिया है कि न्यूजीलैंड का ट्रेडमार्क अधिनियम 2002 बासमती शब्द के मार्क के रजिस्ट्रेशन की अनुमति नहीं देता है। 

इसी तरह अफ्रीकी देश केन्या में भी कनाडा के प्रयास को धक्का लगा है। वहां भी एक अपीलीय अदालत ने पिछले महीने अपने एक निर्णय में एपीडा के उस आवेदन (याचिका) को निरस्त कर दिया जो केन्या के एक उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर किया गया था।

जब हाईकोर्ट ने एपीडा के आवेदन को नामंजूर कर दिया था तब उसने अपीलीय अदालत का दरवाजा खटखटाया था लेकिन वहां भी उसे सफलता हासिल नहीं हो सकी।

हाईकोर्ट ने केन्या की एक कम्पनी को भी बासमती चावल के लिए ट्रेडमार्क के रजिस्ट्रेशन की स्वीकृति प्रदान की थी। इस कम्पनी ने 2009 में ही रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया था और उसके बाद एपीडा ने वहां उसे चुनौती दी थी।