नारियल उत्पादों के निर्यात में 62 प्रतिशत की शानदार वृद्धि

31-Aug-2026 07:30 PM

कोच्चि। वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में 2025-26 के दौरान भारत से नारियल एवं इससे निर्मित मूल्य संवर्धित उत्पादों  का निर्यात 62 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि के साथ 7038.25 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। वैश्विक बाजार में इसकी मांग एवं खपत बढ़ती जा रही है जबकि नए-नए बाजार भी तलाशे जा रहे हैं। इसके अलावा नारियल से विभिन्न उत्पादों के निर्माण का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है। 

नारियल उत्पादों के निर्यात बास्केट में एक्टिवेटेड कार्बन का फिलहाल वर्चस्व बना हुआ है। वित्त वर्ष 2025-26 में इसका निर्यात बढ़कर 4688.89 करोड़ रुपए पर पहुंचा जो नारियल उत्पादों (रेशे को छोड़कर) के निर्यात से प्राप्त हुई कुल आमदनी का निर्यात किया गया।

विभिन्न देशों में इसकी भारी मांग देखी गई। इसमें स्वर्ण खनन, जल शुद्धिकरण, वायु शुद्धिकरण, वार्सिनोजेनिक पदार्थों का विस्थापन, ऊर्जा उत्पादन, श्रृंगार प्रसाधन उद्योग एवं फार्मा उद्योग आदि मुख्य रूप से शामिल हैं।

नारियल विकास बोर्ड के सीईओ का कहना है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में नारियल उत्पादों की तेजी से बढ़ती मांग को देखते हुए भविष्य में इसका निर्यात प्रदर्शन और भी बेहतर रहने के आसार हैं। 2 सितम्बर को विश्व नारियल दिवस मनाया जाएगा।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन केरलम के मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा। अनेक देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से नारियल उद्योग को काफी फायदा हो रहा है और नए-नए बाजारों में नारियल के उत्पाद तेजी से पहुंच रहे हैं।