गुजरात में खरीफ फसलों का रकबा 80 लाख हेक्टेयर से ऊपर पहुंचा

31-Aug-2026 05:49 PM

गांधीनगर। पश्चिमी भारत में अवस्थित एक महत्वपूर्ण कृषि उत्पादक राज्य गुजरात में हाल के सप्ताहों में खरीफ फसलों की बिजाई की अच्छी रफ्तार देखी गई जिससे 31 अगस्त 2026 तक इसका कुल उत्पादन क्षेत्र सुधरकर 80.39 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया लेकिन फिर भी यह गत वर्ष की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 82.40 लाख हेक्टेयर से करीब 2 लाख हेक्टेयर पीछे रह गया। 

राज्य कृषि विभाग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में चालू खरीफ सीजन के दौरान गुजरात में धान का उत्पादन क्षेत्र 8.97 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 9.01 लाख हेक्टेयर पर तथा ज्वार का रकबा 11 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 14 हजार हेक्टेयर पर पहुंचा मगर बाजरा का बिजाई क्षेत्र 1.72 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 14 हजार हेक्टेयर पर पहुंचा मगर बाजरा का बिजाई क्षेत्र 1.72 लाख हेक्टेयर से गिरकर 1.61 लाख हेक्टेयर तथा मक्का का क्षेत्रफल 2.79 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 2.72 लाख हेक्टेयर पर अटकने के कारण धान एवं मोटे अनाजों का कुल रकबा गत वर्ष के 13.71 लाख हेक्टेयर से घटकर इस बार 13.58 लाख हेक्टेयर रह गया। 

इसी तरह तिलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र 31.14 लाख हेक्टेयर से घटकर 29.21 79 लाख हेक्टेयर तथा ग्वार का रकबा 74 हजार हेक्टेयर से लुढ़ककर 49 हजार हेक्टेयर पर आ गया लेकिन दूसरी ओर दलहन फसलों का बिजाई क्षेत्र 4.30 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 4.46 लाख हेक्टेयर तथा कपास का क्षेत्रफल 20.80 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 21.47 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। 

दलहन फसलों में अरहर (तुवर) का उत्पादन क्षेत्र 2.81 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 3.13 लाख हेक्टेयर तथा उड़द का बिजाई क्षेत्र 83 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 90 हजार हेक्टेयर पर पहुंचा लेकिन मूंग का क्षेत्रफल 48 हजार हेक्टेयर से गिरकर 31 हजार हेक्टेयर रह गया। 

तिलहन फसलों के संवर्ग में गुजरात में पिछले साल के मुकाबले चालू खरीफ सीजन के दौरान मूंगफली का उत्पादन क्षेत्र 22.01 लाख हेक्टेयर से घटकर 20.68 लाख हेक्टेयर, तिल का रकबा 41 हजार हेक्टेयर से गिरकर 20 हजार हेक्टेयर तथा अरंडी का बिजाई क्षेत्र 5.95 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 5.29 लाख हेक्टेयर रह गया अगर सोयाबीन का क्षेत्रफल 2.77 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 3.04 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। उल्लेखनीय है कि गुजरात देश में मूंगफली, कपास एवं अरंडी का सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त है। वहां खरीफ फसलों की बिजाई शीघ्र ही समाप्त होने वाली है।