मलेशिया में पाम तेल का उत्पादन घटने का अनुमान
07-Jul-2026 05:12 PM
कुआलालम्पुर। अल नीनो के प्रभाव से वर्षा कम होने तथा मौसम शुष्क रहने के कारण मलेशिया में 2026-27 सीजन के दौरान क्रूड पाम तेल (सीपीओ) के उत्पादन में गिरावट आने की संभावना है।
उधर इंडोनेशिया में बी 50 प्रोग्राम लागू होने से पाम तेल की घरेलू मांग एवं खपत में वृद्धि होगी और निर्यात योग्य स्टॉक में कमी आ सकती है। थाईलैंड के पाम तेल उत्पादन पर भी अल नीनो का असर पड़ने की आशंका है।
इसके फलस्वरूप वैश्विक निर्यात बाजार के लिए पाम तेल की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल हो सकती है। यदि मलेशिया तथा थाईलैंड में बायोडीजल के निर्माण में पाम तेल के अनिवार्य उपयोग का स्तर बढ़ाने का निर्णय लिया गया तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) की एक रिपोर्ट के अनुसार मलेशिया में 2025-26 सीजन के दौरान पाम तेल का शानदार उत्पादन हुआ मगर 2026-27 के सीजन में उत्पादन कुछ घटने की संभावना है।
उस्डा के मुताबिक जून 2026 से अल नीनो का प्रभाव शुरू हो गया है जो 2027 में भी कुछ महीनों तक बरकरार रह सकता है। इसे देखते हुए 2026-27 के मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान मलेशिया में सीपीओ का उत्पादन कुछ घटकर 197 लाख टन पर अटक जाने का अनुमान है।
कम वर्षा से ऑयल पाम की उपज दर तथा पाम से तेल की औसत रिकवरी दर में कमी आने की आशंका है। इसका ज्यादा असर मार्केटिंग सीजन की तीसरी-चौथी तिमाही में दिखाई पड़ सकता है।
उस्डा के पहले मलेशिया में 2025-26 सीजन के लिए भी 197 लाख टन पाम तेल के उत्पादन का अनुमान लगाया था लेकिन बाद में इसे 3 लाख टन बढ़ाकर 200 लाख टन निर्धारित कर दिया है। अक्टूबर 2025 से मई 2026 के 8 महीनों के दौरान उत्पादन के बेहतर प्रदर्शन के आधार पर अनुमान बढ़ाया गया है।
