खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों की जरूरत के अनुमान में कटौती
02-Jun-2026 01:41 PM
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने 2026 के खरीफ सीजन के दौरान पहले यूरिया एवं डीएपी जैसे प्रमुख रासायनिक उर्वरकों की कुल मांग 260 लाख टन रहने का अनुमान लगाया था लेकिन स्थिति की समीक्षा के बाद उसे 10 लाख टन घटाकर 250 लाख टन निर्धारित कर दिया है।
उर्वरक विभाग की अतिरिक्त सचिव का कहना है कि मानसून सीजन के दौरान अल नीनो मौसम चक्र का प्रकोप रहने की संभावना है जिसे देखते हुए कृषि मंत्रालय से उर्वरकों की जरूरत की पुनर्समीक्षा करने का आग्रह किया गया था। राज्यों के साथ कृषि मंत्रालय ने इस मुद्दे पर गहन विचार-विमर्श किया और उसके परिणाम के आधार पर यूरिया एवं डीएपी की मांग का अनुमान 10 लाख टन घटा दिया गया है।
समीक्षा के बाद खरीफ सीजन के लिए यूरिया की मांग का अनुमान 194 लाख टन से 4 लाख टन घटाकर 190 लाख टन तथा डीएपी की जरूरत का अनुमान 66 लाख टन से 6 लाख टन घटाकर 60 लाख टन निर्धारित किया गया है। खरीफ सीजन के लिए सभी किस्मों एवं संवर्गों के रासायनिक उर्वरकों की मांग अब 383.90 लाख टन रहने की संभावना व्यक्त की गई है जबकि वर्तमान समय में 199.80 लाख टन या 52 प्रतिशत उवर्रकों का स्टॉक मौजूद है। आमतौर पर यह स्टॉक 33 प्रतिशत के आसपास रहता है।
इसके साथ-साथ उर्वरकों का घरेलू उत्पादन एवं आयात भी जारी है। इससे खरीफ सीजन की मांग को पूरा करने में आसानी होगी। पश्चिम एशिया में संकट उत्पन्न होने के बाद से सरकार को अभी तक 132.40 लाख टन उर्वरकों का अतिरिक्त स्टॉक बनाने में सफलता मिली है जबकि शेष स्टॉक पहले से मौजूद था।
