जून में अलनीनो के सक्रिय होने के बावजूद संकेत
27-May-2026 11:57 AM
तिरुअनन्तपुरम। अल नीनो सॉदर्न ऑसिलेशन (अंसो) अल नीनो की दिशा में आगे बढ़ने का स्पष्ट संकेत दिखा रहा है। ट्रॉपिकल प्रशांत महासागर से समुद्री सतह का तापमान तेजी से बढ़ रहा है और वहां गर्मी पैदा हो रही है। कुछ अन्य कारक भी सक्रियता से इसमें सहयोग दे रहे हैं। फिलहाल न्यूट्रल स्थिति बनी हुई है मगर जल्दी ही अल नीनो की स्थिति बन सकती है।
ऑस्ट्रेलियाई मौसम ब्यूरो की रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी क्लाइमेट मॉडल्स संकेत दे रहे हैं कि जून तक समुद्री सतह का तापमान इस स्तर पर या उससे ऊपर पहुंच जाएगा जो अल नीनो के निर्माण के लिए आधार बिंदु माना जाता है।
हालांकि इस बात की अनिश्चितता बरकरार है कि यह अल नीनो मौसम चक्र कितना मजबूत, शक्तिशाली और विस्तृत होगा लेकिन उपलब्ध संकेतों से पता चलता है कि यह कम से कम सामान्य स्तर का अवश्य होगा।
कुछ मौसम वैज्ञानिक 'सुपर अल नीनो' का अनुमान लगा रहे हैं मगर ऐसी स्थिति बाद में बन सकती है। ट्रॉपिकल मध्यवर्ती प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सतह के तापमान में होने वाले बदलाव के अनुरूप अल नीनो की क्षमता, सघनता एवं गतिशीलता में परिवर्तन होता रहेगा।
ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, भारत एवं दक्षिण एशिया के अन्य देश तथा दक्षिण-पूर्व एशिया के देश इस अल नीनो मौसम चक्र के प्रकोप से विशेष रूप से प्रभावित होंगे।
भारत में इसके प्रभाव से दक्षिण-पश्चिम मानसून की दशा एवं दिशा में बदलाव हो सकता है और बारिश की स्थिति अनिश्चित एवं अनियमित रह सकती है।
देश के कुछ भागों में मूसलाधार बारिश हो सकती है जबकि अन्य क्षेत्रों में भयंकर सूखा पड़ सकता है। इससे खरीफ फसलों की बिजाई एवं प्रगति पर गंभीर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
