गुजरात में सहकारी चीनी मिलों को 1500 करोड़ रुपए की वित्तीय राहत

27-May-2026 12:19 PM

गांधीनगर। गुजरात के मुख्यमंत्री ने एक विशिष्ट एवं क्रान्तिकारी निर्णय लेते हुए गन्ना उत्पादकों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों को और साथ ही साथ सहकारी समितियों को भी वित्तीय राहत  देने का फैसला किया गया है ताकि उसे किसानों को सही समय पर गन्ना के मूल्य का भुगतान करने में कोई कठिनाई न हो।

गुजरात के कृषि एवं सहकारिता मंत्री के अनुसार 2007-08 से 2024-25 तक के सीजन के लिए सहकारी चीनी मिलों  एवं समितियों पर गन्ना उत्पादकों का जो बकाया मूल्य मौजूद है उसके भुगतान के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया गया है।

गुजरात की चीनी सहकारी समितियों को लगभग 1500 करोड़ रुपए का वित्तीय अनुदान इस माह में उपलब्ध करवाया जाएगा जिससे राज्य के दो लाख से अधिक गन्ना किसानों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। 

उल्लेखनीय है कि सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों द्वारा भी आमतौर पर गन्ना किसानों को केन्द्र द्वारा घोषित 'उचित एवं लाभकारी मूल्य' (एफआरपी) का भुगतान किया जाता है। गुजरात देश से पांच शीर्ष चीनी उत्पादक राज्यों में शामिल है।

वहां सहकारी चीनी मिलों की स्थिति अन्य राज्यों की भांति ही कमजोर है इसलिए प्रांतीय सरकार को उसकी मदद के लिए आगे आना पड़ रहा है। गुजरात में गन्ना उत्पादकों को चीनी के साथ-साथ शीरा, एथनॉल एवं बिजली उत्पादन से होने वाली आमदनी में भी हिस्सा मिलता है।