चीन ने एक बार फिर भारतीय चावल की खेपों को रिजेक्ट किया

27-May-2026 11:13 AM

नई दिल्ली। चीन में भारतीय चावल का शिपमेंट करने में निर्यातकों को भारी कठिनाई तथा आर्थिक हानि हो रही है। वहां भारतीय चावल का आयात तो किया जाता है मगर उसमें जीएमओ चावल की उपस्थिति का बहाना करके उसकी खेपों को अस्वीकार करके उसे वापस भेज दिया जाता है।

ध्यान देने की बात है कि चीन इस वास्तविकता से पूरी तरह अवगत है कि भारत में जीएम चावल का उत्पादन, उपयोग एवं आयात नहीं होता है और उसे इस बार का प्रमाण भी मुहैया करवाया जा चुका है।

भारतीय बंदरगाहों पर भी चीन को भेजे जाने वाले चावल की क्वालिटी की अच्छी तरह जांच-पड़ताल की जाती है लेकिन इसके बावजूद चीन के बंदरगाह पर उसे गलत तर्क के साथ रिजेक्ट कर दिया जाता है। 

उल्लेखनीय है कि भारत दुनिया में चावल का सबसे प्रमुख निर्यातक देश है और यहां से संसार के असंख्य देशों को चावल की आपूर्ति की जाती है जिसमें अमरीका, यूरोप एवं पश्चिम एशिया के देश भी शामिल हैं मगर किसी भी देश द्वारा भारतीय चावल की खेपों को रिजेक्ट नहीं किया जा रहा है। गत सप्ताह चीन ने भारतीय चावल की 4-5 खेपों को रिजेक्ट कर दिया।

ऐसा लगता है कि चीन का इरादा कुछ और ही है। दरअसल चीन वैश्विक बाजार में भारतीय चावल की छवि को धूमिल करना चाहता है ताकि इसका निर्यात प्रभावित हो सके।