गेहूं की सरकारी खरीद 343 लाख टन से ऊपर पहुंची
27-May-2026 10:49 AM
नई दिल्ली। आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि केन्द्रीय पूल के लिए गेहूं की सरकारी खरीद तेजी से उछलकर 343.60 लाख टन पर पहुंच गई है जो पिछले साल की तुलना में 15.6 प्रतिशत ज्यादा और गत चार वर्षों का सबसे ऊंचा स्तर है। केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने इस वर्ष कुल 345 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है जबकि वास्तविक खरीद जल्दी ही उससे आगे निकल जाने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश की कहानी बड़ी दिलचस्प है। वहां आरंभिक चरण में 78 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा गया था। शुरूआती दौर में खरीद की गति इतनी धीमी थी कि इस लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल लग रहा था। लेकिन बाद में खरीद की रफ्तार तेजी से बढ़ने लगी और सरकार ने खरीद का लक्ष्य 22 लाख टन बढ़ाकर 100 लाख टन नियत कर दिया।
अब यह नया लक्ष्य भी छोटा प्रतीत होने लगा है इसलिए राज्य सरकार ने केन्द्र से लक्ष्य बढ़ाने का आग्रह किया है। राज्य में गेहूं खरीद की समय सीमा भी नियमित रूप से बढ़ाई जा रही है।
ऐसा लगता है कि मध्य प्रदेश के किसानों को पहले व्यापारियों एवं फ्लोर मिलर्स द्वारा ऊंचे दाम पर गेहूं की भरपूर खरीद किए जाने का भरोसा था इसलिए उसने अपने स्टॉक को दबाने का प्रयास किया।
लेकिन जब लम्बे समय तक प्राइवेट खरीद की गति सुस्त रही और थोक मंडी भाव में इजाफा नहीं हुआ तब किसानों ने सरकारी एजेंसियों को जल्दी-जल्दी अपना गेहूं बेचना शुरू कर दिया।
मध्य प्रदेश में गेहूं के लिए किसानों को 2625 रुपए प्रति क्विंटल का मूल्य प्राप्त हो रहा है। इसमें केन्द्र द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल के अलावा राज्य सरकार द्वारा नियत 40 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस शामिल है।
