बांधों-जलाशयों में पानी का स्टॉक बढ़ने की उम्मीद

10-Jul-2026 02:10 PM

नई दिल्ली। देश भर के बांधों-जलाशयों में पानी का स्टॉक अभी कम है केन्द्रीय दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता बढ़ने से आगामी दिनों में जल स्तर में सुधार आने के आसार हैं। इससे खरीफ के साथ-साथ आगामी रबी सीजन की फसलों की सिंचाई में भी सहायता मिलेगी। जून के पूरे महीने में सामान्य औसत से करीब 40 प्रतिशत कम बारिश हुई मगर 1 से 9 जुलाई के दौरान 38 प्रतिशत अधिशेष वर्षा दर्ज की गई। उम्मीद की जा रही है कि आगे भी वर्षा का दौर जारी रहेगा जिससे बांधों-जलाशयों में पानी का स्टॉक बढ़ जाएगा। 

केन्द्रीय जल आयोग के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि देश के 166 प्रमुख बांधों-जलाशयों में 59.443 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) पानी का स्टॉक मौजूद है जो उसकी कुल भंडारण क्षमता का 32.4 प्रतिशत है। पिछले साल की समान अवधि में उसमें 36.5 प्रतिशत पानी का भंडार मौजूद था। वर्तमान जल स्तर इस वर्षीय औसत से 7.6 प्रतिशत ज्यादा है। इस वर्ष मानसून-पूर्व की बारिश उम्मीद के अनुरूप नहीं हुई और दक्षिण-पश्चिम मानसून के पहले महीने में बारिश बहुत कम हुई। इससे बांधों-सरोवरों में पानी का स्टॉक बहुत घट गया। अत्यधिक गर्मी के कारण भी जल स्तर में गिरावट आई। अब इसमें कुछ सुधार के लक्षण दिखाई पड़ रहे हैं। 

पूर्वी एवं पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का भारी अभाव रहा जबकि दक्षिण भारत एवं पश्चिमोत्तर क्षेत्र में भी वर्षा कम हुई। अब इन संभागों में मानसून की सक्रियता बढ़ गई है जिससे वहां मूसलाधार वर्षा होने लगी है। इससे खेतों एवं छोटे-छोटे जल स्रोतों के साथ-साथ बड़े-बड़े बांधों-जलाशयों, सरोवरों एवं झीलों में भी पानी का स्तर बढ़ने लगा है। 

कुछ दिन पूर्व बांधों-जलाशयों में पानी का स्टॉक घटकर उसकी कुल भंडारण क्षमता के 26-27 प्रतिशत पर आ गया था जो अब सुधरकर 32 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गया है। जुलाई-अगस्त की वर्षा का सहारा मिलने पर जल स्तर में और भी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है।