बांग्ला देश में भारत के बजाए अमरीका से रूई का आयात बढ़ाने पर जोर

11-Feb-2026 04:20 PM

ढाका। बांग्ला देश में भारत के बजाए अमरीका से रूई का आयात बढ़ाने का प्लान बनाया गया है। बांग्ला देश और अमरीका के बीच एक व्यापारिक करार हुआ है। 9 फरवरी 2026 को इस पर दोनों पक्षों की ओर से हस्ताक्षर किए गए।

बांग्ला देश के सूचना सलाहकार का कहना है कि यह ट्रेड डील एक गेम चेंजर साबित हो सकता है क्योंकि इससे अमरीकी बाजारों में बांग्ला देश के निर्यातकों को अधिक से अधिक पहुंच बनाने का अवसर मिल सकता है।

बांग्ला देश अब अमरीका से रूई का आयात बढ़ायेगा जिससे भारतीय रूई के आयात पर उसकी निर्भरता काफी घट जाएगी। दूसरी ओर वह अमरीकी बाजारों में भारतीय वस्त्र-परिधान निर्यातकों को चुनौती भी दे सकता है।

बांग्ला देश का रूई बाजार अमरीका के लिए आकर्षक हो जाएगा। लेकिन बांग्ला देश इस बात के प्रति सजग-स्तर्क भी रहेगा कि अमरीका से मंगाई जाने वाली रूई उच्च क्वालिटी की हो ताकि उससे निर्मित उत्पादों की गुणवत्ता भी ऊंची रह सके। 

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार व्यापार समझौते के अंतर्गत अमरीका में बांग्ला देश के उत्पादों पर 19 प्रतिशत का सीमा शुल्क लगाने पर सहमति बनी है जो कम्बोडिया-इंडोनेशिया जैसे प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में कम है लेकिन इस ट्रेड डील में एक महत्वपूर्ण क्लॉज यह जोड़ा गया है कि अगर बांग्ला देश अमरीका रूई अथवा मनुष्य निर्मित (मैनमेड) फाइबर से निर्मित उत्पादों का निर्यात करता है तो अमरीका में उस पर टैरिफ को शून्य प्रतिशत तक घटाया जा सकता है।

इससे बांग्ला देश के टेक्सटाइल उद्योग को अमरीका से रूई का आयात बढ़ाने का अच्छा प्रोत्साहन मिलेगा और इससे भारत को दो तरफा चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।