बंगाल में केन्द्रीय योजनाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद
06-May-2026 08:20 PM
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन होने के बाद वे तमाम केन्द्रीय योजनाएं लागू हो सकती हैं जिन्हें अब तक स्थगित रखा गया था। इसके साथ ही राज्य के लिए कुछ नई योजनाएं भी बनाई जा सकती हैं। पश्चिम बंगाल में चावल, जूट एवं चाय का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है जबकि तिलहन फसलों में सरसों एवं दलहन फसलों में मसूर की अच्छी पैदावार होती है। हालांकि राज्य में हाल के वर्षों में कृषि क्षेत्र की अच्छी प्रगति हुई है मगर वहां फसल विविधिकरण पर कम ध्यान दिया गया।
समझा जाता है कि बंगाल में न्यू विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एन्ड आजीविका मिशन को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा। जिससे खेतिहर श्रमिकों के साथ-साथ अन्य संवर्ग के मजदूरों को भी काफी राहत मिलेगी। राज्य में केन्द्रीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के लिए फंड का प्रवाह बढ़ेगा जिसे कई वर्षों से रोककर रखा गया है।
पश्चिम बंगाल में उद्योग-धंधों के विकास-विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया जा सकता है जिससे राज्य की आमदनी बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसरों का निर्माण हो सकेगा। अन्य प्रांतों की भांति बंगाल में भी बेरोजगारी एवं गरीबी की समस्या है। अब केन्द्र का अनाज वहां पहुंच सकेगा।
