बेहतर खरीद के कारण चावल का सरकारी स्टॉक बढ़ने के आसार

06-May-2026 06:13 PM

नई दिल्ली। खरीफ कालीन धान की सरकारी खरीद का मार्केटिंग सीजन अक्टूबर 2025 से आरंभ हुआ था जो 31 मार्च 2026 को औपचारिक रूप से समाप्त हो गया। इसके बाद (अप्रैल 2026 से रबी कालीन धान की खरीद शुरू हो गई जो अभी जारी है। 

आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि अक्टूबर 2025 से अप्रैल 2026 के दौरान लगभग 5 करोड़ टन चावल के समतुल्य धान की खरीद विभिन्न राज्यों में की गई जो 2024-25 सीजन की समान अवधि की मात्रा से करीब 6 प्रतिशत अधिक रही। रबी मार्केटिंग सीजन में 12.10 लाख टन चावल के समतुल्य धान खरीदा गया। अकेले तेलंगाना में ही धान की खरीद 10 लाख टन से ज्यादा हुई जबकि वहां रबी मार्केटिंग सीजन में कुल 90 लाख टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। 

राष्ट्रीय स्तर पर केन्द्र सरकार ने 2025-26 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) में कुल 566.60 लाख टन चावल की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है जिसमें खरीफ सीजन के लिए 487 लाख टन और रबी सीजन के लिए 79.60 लाख टन का लक्ष्य शामिल है। ज्ञात हो कि 2024-25 के पूरे मार्केटिंग सीजन में केन्द्रीय पूल के लिए 545.20 लाख टन चावल खरीदा गया था। 

2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में 30 अप्रैल 2026 तक चावल की कुल सरकारी खरीद 498.60 लाख टन पर पहुंच चुकी थी जो पिछले सीजन की इसी अवधि की खरीद 470.20 लाख टन से अधिक रही। खरीद की प्रक्रिया अभी जारी है। खरीफ एवं रबी के साथ-साथ देश में ग्रीष्मकाल या जायद सीजन में भी धान की खेती होती है। इस बार ग्रीष्मकालीन धान का उत्पादन क्षेत्र 30 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा है जो पिछले साल के क्षेत्रफल से कुछ कम है। इसकी खेती अब लगभग पूरी हो चुकी है। 

केन्द्रीय पूल में चावल का विशाल स्टॉक मौजूद है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को नियमित रूप से मिलर्स द्वारा कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) की आपूर्ति की जा रही है। जून से खरीफ कालीन धान की रोपाई शुरू होगी।