अप्रैल-जून की तिमाही में मसालों का निर्यात 25 प्रतिशत घटा

03-Sep-2026 03:44 PM

कोच्चि। मसाला बोर्ड के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल की तुलना में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यानी अप्रैल-जून 2026 के दौरान भारत से मसालों का कुल निर्यात 5,19,477 टन से करीब 25 प्रतिशत घटकर 3,90,590 टन पर अटक गया लेकिन भारतीय मुद्रा में इसकी निर्यात आमदनी 5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 107.26 अरब रुपए पर पहुंच गई। 

मसाला बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक समीक्षाधीन तिमाही के दौरान जायफल-जावित्री, जीरा, धनिया, लहसुन एवं मेथी जैसे मसालों के निर्यात में भारी गिरावट आई जबकि हल्दी, इमली एवं मिंट उत्पादों के निर्यात में अच्छी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।

गिरावट वाले मसालों के संवर्ग में जीरा का निर्यात 62,861 टन से घटकर 47,916 टन, जायफल-जावित्री का 1075 टन से गिरकर 704 टन, धनिया का 19,101 टन से लुढ़ककर 14,556 टन, लहसुन या 12,147 टन से घटकर 10,597 टन तथा मेथी का निर्यात 13,429 टन से गिरकर 10,291 टन पर अटक गया। इसके साथ-साथ हींग, दाल चीनी, तेजपत्ता, कम्बोज एवं कोपर जैसे अन्य मसालों का निर्यात भी 11 प्रतिशत घटकर 11 हजार टन रह गया। 

दूसरी ओर इस अवधि के दौरान जिन मसालों के शिपमेंट में बढ़ोत्तरी हुई उसके तहत हल्दी का निर्यात 47,950 टन से सुधकर 51,987 टन, इमली का 11,814 टन से बढ़कर 13,147 टन तथा मिंट उत्पादों का निर्यात 5424 टन से उछलकर 6485 टन पर पहुंच गया। सेलेरी का निर्यात भी 4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1404 टन पर पहुंचा। 

उपरोक्त मसालों के साथ-साथ भारत से लालमिर्च, कालीमिर्च, छोटी-बढ़ी इलायची अजवायन तथा मसाला तेल एवं ओलियोरेसिन आदि का निर्यात भी बड़े पैमाने पर होता है। भारत दुनिया में मसालों का सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश बना हुआ है।